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Chhattisgarh Skill Development News: NSTI से युवाओं को मिलेगा हुनर का मंच, 45 वर्ष की आयु सीमा से बढ़ेंगे अवसर

Chhattisgarh 16 September 2026

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रायपुर, 15 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा अब कृषि के साथ उद्योग, तकनीक, कौशल और उद्यमिता के नए आयामों से भी जुड़ रही है। इसी दिशा में हाल ही में लिए गए मंत्रिपरिषद के फैसलों से युवाओं के लिए आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और अनुभवी वर्ग के लिए नए अवसरों का रास्ता खुलने की उम्मीद है। नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना और विभिन्न शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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डिग्री के साथ हुनर भी जरूरी

आज के बदलते रोजगार बाजार में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। उद्योगों की जरूरतों के अनुसार व्यावहारिक और तकनीकी कौशल भी जरूरी हो गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ग्राम तेंदुवा में NSTI की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में हर वर्ष लगभग 1,000 प्रशिक्षुओं और अल्पकालीन कार्यक्रमों में करीब 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी।

कौशल से रोजगार और उद्यमिता तक

NSTI की स्थापना से युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलने का अवसर मिलेगा। कौशल केवल रोजगार हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की राह भी खोल सकता है।

प्रशिक्षित युवा नौकरी की तलाश करने के साथ अपना व्यवसाय शुरू कर दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार कर सकते हैं। गांवों और कस्बों के युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और उद्यमशीलता से जोड़ना प्रदेश की मानव पूंजी को मजबूत करने में मददगार हो सकता है।

38 से बढ़कर 45 वर्ष हुई आयु सीमा

मंत्रिपरिषद के निर्णय के तहत विभिन्न शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत वर्गों के लिए अन्य शासकीय सेवाओं या उच्च पदों के लिए आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष की गई है। इस बदलाव से ऐसे लोगों को अवसर मिल सकता है, जिनके पास वर्षों का कार्य अनुभव, व्यावहारिक समझ और जिम्मेदारियों का ज्ञान है।

अनुभव किसी भी संस्थान के लिए महत्वपूर्ण संसाधन माना जाता है। नई जिम्मेदारियों में अनुभवी कर्मचारियों की कार्यकुशलता का उपयोग प्रशासनिक और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने में योगदान दे सकता है।

युवा ऊर्जा और अनुभव का संगम

प्रदेश के विकास में युवा ऊर्जा और अनुभवी सोच दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवा नई तकनीक, नए विचार और नवाचार लेकर आते हैं, जबकि अनुभवी वर्ग व्यावहारिक परिस्थितियों और कार्यप्रणाली की समझ के साथ योगदान देता है।

एक ओर NSTI युवाओं को कौशल का मंच उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ेगा, वहीं आयु सीमा में वृद्धि अनुभवी वर्ग की क्षमताओं को नए अवसरों से जोड़ सकती है। दोनों पहलें मिलकर रोजगार, कौशल और मानव संसाधन के विकास को गति देने की दिशा में काम कर सकती हैं।

मानव पूंजी से बनेगा विकास का नया आधार

छत्तीसगढ़ का भविष्य केवल प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर नहीं है। प्रदेश की वास्तविक ताकत उसके युवा, कुशल और अनुभवी मानव संसाधन में भी है। जब युवाओं को हुनर का मंच, अनुभवी लोगों को अवसर और रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को सही दिशा मिलेगी, तो विकास का असर आम लोगों के जीवन में दिखाई दे सकता है।

NSTI और आयु सीमा में वृद्धि से जुड़े ये निर्णय कौशल विकास, रोजगार और अनुभव के बेहतर उपयोग की दिशा में प्रदेश में अवसरों के विस्तार का आधार तैयार कर सकते हैं।

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