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बारनवापारा अभ्यारण्य में टाइगर की दस्तक से हड़कंप, वन विभाग 'अलर्ट मोड' पर

Chhattisgarh RRT News Desk 09 November 2025

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बलौदा बाजार/महासमुंद। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य में एक बार फिर टाइगर की मौजूदगी दर्ज की गई है। वन विकास निगम क्षेत्र में बाघ के मूवमेंट के स्पष्ट संकेत मिलने के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। अधिकारियों ने तुरंत सर्च ऑपरेशन और इलाके में गश्त व निगरानी बढ़ा दी है।

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पड़ोसी राज्य से पहुंचा बाघ

सूत्रों के मुताबिक, बलौदा बाजार और महासमुंद जिले की सीमा से लगे वन विकास निगम क्षेत्र में बाघ के पदचिह्न (पग मार्क) मिले हैं। माना जा रहा है कि यह बाघ पड़ोसी राज्य के जंगलों से चलकर यहाँ पहुँचा है। बाघ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग उसकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए है और पूरे इलाके में कैमरा ट्रैप एवं पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।

ग्रामीणों की आवाजाही पर रोक

वन विभाग ने एहतियात के तौर पर स्थानीय ग्रामीणों को जंगल के नजदीक जाने से मना किया है, वहीं पर्यटकों के लिए कुछ रास्तों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि यह कदम बाघ को सुरक्षित माहौल देने और किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए उठाया गया है।

याद रहे: पिछले वर्ष भी इसी क्षेत्र में एक बाघ सक्रिय था, जिसे बाद में ट्रेंकुलाइज कर गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व भेजा गया था।

???? हाथियों की मौजूदगी बनी अतिरिक्त चुनौती

इसी क्षेत्र में करीब 28 हाथियों का दल भी सक्रिय है, जिसने वन विभाग की चुनौतियों को बढ़ा दिया है। हाल ही में हाथियों ने हरदी गांव में एक व्यक्ति की जान ले ली थी और तीन हाथी कुएं में गिर गए थे, जिनके लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा था। हाथियों ने अभ्यारण्य के अधीक्षक की गाड़ी को भी नुकसान पहुँचाया था।

संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत

बारनवापारा में बाघ की मौजूदगी वन्यजीव संरक्षण के दृष्टिकोण से एक सकारात्मक खबर है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यह संकेत देता है कि जंगल का पारिस्थितिकी तंत्र बाघों के रहने के लिए अनुकूल हो रहा है, जो पूरे राज्य के लिए एक अच्छा संकेत है। विभाग ने क्षेत्र में चौकसी बढ़ाते हुए आम जनता से किसी भी वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है।

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