CG News: छत्तीसगढ़ के म्योरपुर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैल रही बच्चा चोरी की खबरें पूरी तरह से निराधार और अफवाह साबित हुई हैं। पुलिस प्रशासन ने विस्तृत जांच के बाद स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में ऐसी कोई भी घटना घटित नहीं हुई है। इन गलत खबरों के कारण ग्रामीणों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया था, जिसे देखते हुए प्रशासन को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी है।
पुलिस महानिरीक्षक और स्थानीय थाना प्रभारी ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले असत्यापित वीडियो या संदेशों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। अक्सर शरारती तत्व पुरानी घटनाओं या अन्य राज्यों के वीडियो को स्थानीय बताकर अफवाह फैलाते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बना रहता है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वाले और भ्रामक जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने नागरिकों को सुझाव दिया है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देता है, तो वे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत डायल 112 या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें। भीड़ द्वारा संदेह के आधार पर किसी निर्दोष के साथ मारपीट करना एक गंभीर अपराध है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक चैनलों और प्रेस नोट के माध्यम से दी गई जानकारी को ही सत्य माना जाए।
वर्तमान में म्योरपुर और आसपास के इलाकों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रमुखों से भी आग्रह किया गया है कि वे अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करें और शांति बनाए रखने में सहयोग दें। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना और डिजिटल माध्यमों से फैलने वाले 'फेक न्यूज' के जाल को तोड़ना है।








