छत्तीसगढ़ के कवर्धा (कबीरधाम) जिले से एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जहाँ एक पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मृतका के शव को पास के जंगल में ले जाकर एक पेड़ से फंदे पर लटका दिया ताकि ग्रामीणों और पुलिस को यह आत्मघाती कदम लगे। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश की पोल खोल दी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को जंगल में महिला का शव संदिग्ध अवस्था में मिलने की सूचना प्राप्त हुई। घटनास्थल के निरीक्षण और फॉरेंसिक साक्ष्यों से पुलिस को शुरू से ही मामला संदिग्ध लग रहा था। मृतका के शरीर पर चोट के निशान और गले की स्थिति देखकर गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका प्रबल हो गई। सघन पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद पुलिस का शक पति पर गहराया, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई।
पुलिसिया पूछताछ में आरोपी पति ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि चरित्र शंका और घरेलू विवाद के चलते उसने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। इस घिनौने कृत्य में उसने अपने एक साथी की भी मदद ली थी। दोनों ने मिलकर पहले महिला का गला घोंटा और फिर अंधेरे का फायदा उठाकर शव को जंगल में ले जाकर लटका दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पति के साथ-साथ उसकी मदद करने वाले सहयोगी को भी गिरफ्तार कर लिया है।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या (धारा 302) और साक्ष्य छिपाने (धारा 201) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर चालान तैयार किया जा रहा है ताकि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके। इस कार्यवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश करे, कानून के हाथ उन तक पहुँच ही जाते हैं।








