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मानसून से पहले एक्शन मोड में छत्तीसगढ़ सरकार: डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिए 31 मई तक ड्रेनेज सफाई के कड़े निर्देश

RRT News- मानसून के आगमन से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून की शुरुआत से पूर्व, यानी 31 मई तक शहर के सभी छोटे-बड़े नालों, सीवेज और ड्रेनेज सिस्टम की पूरी तरह से सफाई सुनिश्चित की जाए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बारिश के दौरान निचले इलाकों में होने वाले जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करना और आम जनता को राहत देना है।

डिप्टी सीएम ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे उन क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण करें जहाँ जलभराव की समस्या हर साल सामने आती है। सफाई कार्य की प्रगति की निरंतर निगरानी के लिए टीमें गठित की जाएंगी, ताकि मानसून के दस्तक देने से पहले जल निकासी का मार्ग सुचारू हो सके। साथ ही, सफाई के दौरान नालों से निकलने वाले मलबे को तत्काल हटाकर उचित स्थान पर डिस्पोज करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि वह दोबारा नालियों में न जाए।
मानसून के दौरान नालों के ओवरफ्लो होने से न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त होता है, बल्कि जलजमाव के कारण बीमारियों के फैलने का भी खतरा बढ़ जाता है। सरकार का यह समयबद्ध कदम जनता की सुरक्षा और शहरी सुविधा को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रशासन की इस सक्रियता से उम्मीद है कि इस बार बारिश के सीजन में शहरों की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रहेगी। अब देखना यह है कि नगरीय निकाय कितनी तत्परता के साथ तय समय सीमा में इस चुनौतीपूर्ण कार्य को पूरा करते हैं।







