छत्तीसगढ़ की नौकरशाही में इन दिनों बदलाव की हवा चल रही है। राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में शीर्ष पदों के खाली होने और कुछ अधिकारियों के रिटायरमेंट के चलते सरकार बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी में है। प्रशासनिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि पुलिस, वन और राजस्व जैसे अहम विभागों में जल्द ही नए चेहरों की ताजपोशी हो सकती है।
किन पदों पर है नजर?
DGP (पुलिस महानिदेशक): राज्य पुलिस महकमे में लंबे समय से स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर कयासों का दौर जारी है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के साथ पत्राचार और जवाबदेही के बीच, पुलिस महकमे में असमंजस की स्थिति है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार किसे कमान सौंपती है।
PCCF (प्रधान मुख्य वन संरक्षक): वन विभाग में आने वाले महीनों में वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायरमेंट की कतार है। हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स की जिम्मेदारी संभालने के लिए अनुभवी अधिकारियों के नाम पर मंथन तेज हो गया है, जिसमें कुछ वरिष्ठ आईएफएस (IFS) अफसरों की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
रायपुर संभाग: रायपुर के कमिश्नर पद पर भी बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए सरकार यहाँ भी किसी भरोसेमंद और अनुभवी चेहरे को जिम्मेदारी सौंप सकती है।
क्यों है फेरबदल जरूरी?
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सरकारी कामकाज में कसावट लाने और नीतिगत निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शीर्ष स्तर पर नई ऊर्जा की आवश्यकता है। सरकार गोपनीय तरीके से इन नियुक्तियों का खाका तैयार कर रही है। आने वाले कुछ सप्ताह प्रदेश की प्रशासनिक तस्वीर बदलने वाले साबित हो सकते हैं।
क्या यह फेरबदल केवल रिक्त पदों को भरने के लिए होगा या फिर इसमें पूरी कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव के संकेत छिपे हैं? इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। छत्तीसगढ़ में होने वाले इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के हर अपडेट के लिए जुड़े रहें।








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