RRT News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पुलिस ने 1.5 करोड़ रुपये मूल्य की लगभग 92 टन एलपीजी (LPG) गैस की चोरी के आरोप में जिला खाद्य अधिकारी (DFO) अजय यादव को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि जिस अधिकारी पर ईंधन और राशन की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वही इस पूरे घोटाले का मुख्य सूत्रधार निकला। पुलिस ने इस कार्रवाई में यादव के साथ गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर और रायपुर निवासी मनीष चौधरी को भी गिरफ्तार किया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह पूरा खेल पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा था। आरोपियों ने बड़ी चालाकी से 92 टन सरकारी गैस को बाजार में डायवर्ट कर दिया और अवैध तरीके से करोड़ों की कमाई की। इस साजिश में गैस वितरकों और अधिकारियों की मिलीभगत से कागजों में हेरफेर किया गया ताकि किसी को शक न हो। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि यह खेल कितने समय से चल रहा था और क्या विभाग के कुछ और बड़े चेहरे भी इस सिंडिकेट का हिस्सा हैं।
रायपुर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है। अजय यादव की गिरफ्तारी ने सरकारी महकमे में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि खाद्य विभाग सीधे तौर पर आम जनता की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा होता है। इस घोटाले के सामने आने के बाद अब गैस वितरण प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।







