रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय होने के साथ ही खरीफ सीजन 2026 की खेती-किसानी ने रफ्तार पकड़ ली है। कृषि विभाग के अनुसार 22 जुलाई तक प्रदेश में 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है, जो निर्धारित 48.69 लाख हेक्टेयर लक्ष्य का 69 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार प्रमाणित खाद और बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने खाद-बीज वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई करने और सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण बनाए रखने के निर्देश भी दिए हैं। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
कृषि विभाग के मुताबिक किसानों को अब तक 9.22 लाख मीट्रिक टन उर्वरक और 4.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। प्रदेश में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी तेजी से जारी है।
राज्य में अब तक 389.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। कृषि विभाग का कहना है कि अनुकूल बारिश के चलते आगामी दिनों में बोनी का रकबा और बढ़ने की संभावना है।
बीज वितरण की बात करें तो खरीफ 2026 के लिए 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले 4.70 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया, जिसमें से अब तक 4.12 लाख क्विंटल यानी लक्ष्य का 83 प्रतिशत किसानों तक पहुंचाया जा चुका है।
वहीं उर्वरकों के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन वितरण का लक्ष्य तय किया गया है। इसके मुकाबले 14.57 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है और अब तक 9.22 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।
कृषि विभाग के अनुसार किसानों को खेती के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 21 जुलाई 2026 तक किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 6633.71 करोड़ रुपये का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया गया है। चालू सीजन में राज्य सरकार ने 8800 करोड़ रुपये कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।







