छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने पुलिस महकमे में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। राज्य के 4 जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) को हैदराबाद स्थित 'सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी' (SVPNPA) भेजा जा रहा है। ये अधिकारी वहां आयोजित होने वाले 48वें आईपीएस इंडक्शन ट्रेनिंग कोर्स में शामिल होंगे। यह प्रशिक्षण उन अधिकारियों के लिए अनिवार्य होता है जो राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नत हुए हैं। 6 सप्ताह तक चलने वाले इस उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण के दौरान ये अधिकारी अपने वर्तमान मुख्यालयों से अनुपस्थित रहेंगे।
इन 4 SP को सौंपी गई ट्रेनिंग की जिम्मेदारी
ट्रेनिंग के लिए हैदराबाद जाने वाले अधिकारियों में मुंगेली, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के पुलिस कप्तान शामिल हैं। इन अधिकारियों के प्रशिक्षण पर जाने के कारण जिलों की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए, इसके लिए पड़ोसी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और अधीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है।
किसे मिला कहाँ का अतिरिक्त प्रभार?
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्रभार का विवरण इस प्रकार है:
प्रशिक्षण पर जाने वाले SP जिला अतिरिक्त प्रभार संभालने वाले अधिकारी
श्री मनोज कुमार खिलारी मुंगेली श्री रजनेश सिंह (SP, बिलासपुर)
श्री उमेश चौधरी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई श्री मोहित गर्ग (SP, राजनांदगांव)
श्री रवि कुमार कुर्रे गौरेला-पेंड्रा-मरवाही श्रीमती भावना गुप्ता (SP, बेमेतरा)
श्री दर्शन सिंह मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी श्री येदुवल्ली अक्षय कुमार (SP, बालोद)
प्रशासनिक सुगमता और सुरक्षा पर जोर
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल पूरी तरह से पेशेवर प्रशिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रशिक्षण की अवधि लगभग डेढ़ महीने की होगी, जिसके बाद सभी अधिकारी वापस अपने मूल पदों पर लौट आएंगे। अतिरिक्त प्रभार पाने वाले अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने वर्तमान जिले के साथ-साथ आवंटित नए जिले की सुरक्षा व्यवस्था और पेंडिंग केसों की निरंतर समीक्षा करें। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों (मोहला-मानपुर) में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।








