छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित 'छत्तीसगढ़ के शिमला' के नाम से मशहूर मैनपाट में पर्यटन को नए पंख लगने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (CGHB) ने यहाँ एक सर्वसुविधायुक्त पर्यटन-सह-आवासीय परिसर बनाने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य मैनपाट आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय आवास सुविधाएं प्रदान करना है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस ठंडे प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह शासन का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रस्तावित परिसर को आधुनिक वास्तुकला और स्थानीय संस्कृति के समन्वय के साथ डिजाइन किया जा रहा है। इसमें पर्यटकों के लिए लग्जरी कॉटेज, होटल और क्लब हाउस जैसी सुविधाएं होंगी। साथ ही, यहाँ उन लोगों के लिए आवासीय परिसर भी विकसित किए जाएंगे जो मैनपाट की हसीन वादियों में अपना घर बनाना चाहते हैं। परिसर के भीतर चौड़ी सड़कें, व्यवस्थित पार्क, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटकों को एक सुरक्षित और आरामदायक वातावरण मिल सके।
मैनपाट अपनी तिब्बती संस्कृति, 'उल्टा पानी', 'टाइगर पॉइंट' और हिलते हुए दलदली क्षेत्र (जल्दली) के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि, लंबे समय से यहाँ आने वाले पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण आवास और व्यवस्थित बुनियादी ढांचे की कमी खलती थी। गृह निर्माण मंडल के इस प्रोजेक्ट से यह समस्या दूर होगी। इस परिसर के बनने से मैनपाट न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे मध्य भारत के प्रमुख हिल स्टेशन के रूप में मजबूती से उभरेगा, जिससे क्षेत्र में पर्यटन के अवसरों में भारी वृद्धि होगी।
इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। निर्माण कार्य से लेकर परिसर के संचालन तक में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पर्यटन बढ़ने से स्थानीय हस्तशिल्प, तिब्बती व्यंजनों और गाइड सेवाओं जैसे छोटे व्यवसायों को भी काफी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस तरह के नियोजित विकास से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना मैनपाट की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार लाया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लिए भूमि का चयन और शुरुआती योजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी और निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन के अनुरूप, राज्य के सभी प्रमुख पर्यटन केंद्रों को विकसित करने की कड़ी में मैनपाट का यह प्रोजेक्ट एक मील का पत्थर साबित होगा। भविष्य में यहाँ एडवेंचर स्पोर्ट्स और ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष जोन तैयार किए जाने की संभावना है।








