Breaking
- आपसी विवाद में खूनी संघर्ष, चाकूबाजी में एक युवक की मौत और दूसरा घायल, आरोपी ...
- Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में लुढ़का पारा, अंबिकापुर में न्यूनतम...
- छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को मिलने जा रहा बड़ा तोहफा, अब बढ़कर 30,870 रुपये हो...
- उद्घाटन से पहले ही रायपुर-विशाखापत्तनम भारतमाला हाईवे में पड़ी दरारें, गुणवत्...
- Mata Hasi Devi 200th Jayanti: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में जारी कि...
- दीपावली से पहले मिठाइयों की दुकानों पर खाद्य विभाग का छापा, फ्रीजर बंद मिलने ...
- Courtesy Meeting: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री वि...
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
- Dussehra Celebration : बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए...
- Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों क...
Education News: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई तस्वीर, 'क्रेडिट बैंक' और डिजीलॉकर से जुड़ा 6.5 लाख छात्रों का भविष्य

रायपुर: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक अभूतपूर्व डिजिटल क्रांति का सूत्रपात हुआ है। केंद्र सरकार और राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त समन्वय से लागू की गई 'एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट' (ABC) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना वर्ष 2026 में पूरी तरह परिपक्व होकर सफल साबित हो रही है। इस अभिनव योजना के तहत अब प्रदेश का प्रत्येक छात्र अपनी जेब में डिजिटल यूनिवर्सिटी लेकर घूम रहा है, जिससे उच्च शिक्षा के परिदृश्य में सुगमता, पारदर्शिता और सुरक्षा का एक नया दौर शुरू हुआ है।

इस 'क्रेडिट बैंक' की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पैसों की जगह छात्रों की पढ़ाई और कॉलेज के 'क्रेडिट' (अंक) सुरक्षित जमा रहते हैं। यदि कोई छात्र बस्तर या किसी सुदूर वनांचल के कॉलेज में पढ़ते हुए पारिवारिक या आर्थिक कारणों से सेकंड ईयर के बाद पढ़ाई छोड़ देता है, तो पहले की तरह उसकी पढ़ाई 'शून्य' नहीं मानी जाएगी। 'मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट' नीति के तहत छात्र के कमाए गए क्रेडिट उसकी 'ABC ID' के जरिए डिजिटल बैंक में सुरक्षित रहेंगे, जिनकी मदद से वह कुछ वर्षों बाद रायपुर, बिलासपुर या देश के किसी भी विश्वविद्यालय में सीधे थर्ड ईयर में दोबारा प्रवेश ले सकेगा।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं इस डिजिटल सिस्टम के दायरे में आ चुके हैं। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) तथा शिक्षा मंत्रालय द्वारा इस पूरी अवसंरचना के लिए शत-प्रतिशत तकनीकी व वित्तीय सहायता दी जा रही है। विश्वविद्यालयों को सीधे 'नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी' (NAD) से जोड़ने के कारण अब डिग्रियां और अंकसूचियां सीधे डिजीलॉकर में अपलोड हो रही हैं, जिससे दस्तावेज गुम होने का डर हमेशा के लिए खत्म हो गया है और राज्य का युवा देशव्यापी स्तर पर अपनी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए 'ग्लोबल' बन रहा है।







