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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर: तापमान 44 डिग्री के पार, प्रदूषण और कार्बन ने बढ़ाई लोगों की मुसीबत

Chhattisgarh 22 April 2026 (28)

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छत्तीसगढ़ में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है, जिससे प्रदेश भर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राजधानी रायपुर समेत राज्य के कई जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर गया है, जिससे लोग चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के बीच घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने भी राज्य के कई हिस्सों में लू (हीटवेव) की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान हो रही हैं और सामान्य जनजीवन पर गर्मी का स्पष्ट असर देखा जा सकता है, जहाँ लोग राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों और एयर कंडीशनर का सहारा ले रहे हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान में हो रही इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे केवल प्राकृतिक कारण नहीं, बल्कि मानवीय हस्तक्षेप भी एक बड़ी वजह है। कंक्रीटीकरण और तेजी से कम होती हरियाली के कारण शहरों में 'अर्बन हीट आइलैंड' जैसा प्रभाव बन रहा है, जिससे गर्मी का असर और अधिक तीव्र हो गया है। साथ ही, प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन जैसी मानवीय गतिविधियों ने ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा दिया है, जिसके कारण रात के तापमान में भी विशेष गिरावट नहीं हो रही है। बड़ी संख्या में एयर कंडीशनर का उपयोग बाहर निकलने वाली गर्म हवाओं के कारण आसपास के माइक्रो-क्लाइमेट को भी प्रभावित कर रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें और यदि निकलना आवश्यक हो, तो खुद को पूरी तरह ढंककर रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ओआरएस (ORS) का घोल लें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। प्रशासन ने भी बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। आने वाले कुछ दिनों तक राहत के आसार कम हैं, इसलिए धैर्य और सतर्कता ही इस गर्मी से बचने का एकमात्र उपाय है।

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