RRT News Raipur- छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के लगभग 5 लाख नियमित सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। राज्य सरकार ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (जैसे SBI, PNB और अन्य) के साथ एक विशेष 'स्टेट गवर्नमेंट सैलरी पैकेज' (SGSP) के लिए समझौता (MoU) किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेश के शासकीय सेवकों को न केवल उनकी सैलरी समय से पहले 'एडवांस' के रूप में मिल सकेगी, बल्कि उन्हें कई अन्य बैंकिंग और वित्तीय लाभ भी दिए जाएंगे।
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता एडवांस सैलरी की सुविधा है। अब कर्मचारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति या अचानक आई वित्तीय जरूरत के लिए निजी संस्थाओं या साहूकारों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार, बैंक कर्मचारियों को उनकी नेट सैलरी के आधार पर एक निश्चित सीमा तक अग्रिम भुगतान (Advance Payment) प्रदान करेंगे। इसके अलावा, कर्मचारियों को ओवरड्राफ्ट (OD) की सुविधा भी मिलेगी, जिससे वे अपने खाते में बैलेंस न होने पर भी एक तय सीमा तक राशि निकाल सकेंगे।
लोन सुविधाओं की बात करें तो सरकारी कर्मचारियों को अब होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर ब्याज दरों में विशेष छूट दी जाएगी। बैंकों ने इस पैकेज के तहत प्रोसेसिंग फीस को भी पूरी तरह माफ या काफी कम कर दिया है। इसके साथ ही, कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का दुर्घटना बीमा (Personal & Air Accident Insurance) और टर्म लाइफ इंश्योरेंस की सुविधा भी पूरी तरह निःशुल्क मिलेगी। यह कदम कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा और जीवन स्तर को सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है।
वर्तमान में राज्य सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे कई प्रमुख बैंकों के साथ अनुबंध पूरा कर लिया है। जो कर्मचारी इन बैंकों में अपना सैलरी अकाउंट रखते हैं, वे सीधे इन सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। सरकार के इस फैसले से विशेष रूप से मध्यम और निम्न वर्ग के कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अक्सर छोटी अवधि के लोन (Short-term loans) के लिए ऊंचे ब्याज दरों का सामना करना पड़ता था। अब कर्मचारी अपनी बैंकिंग प्रोफाइल के आधार पर डिजिटल माध्यम से भी इन सेवाओं को प्राप्त कर सकेंगे।








