RRT News- रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और सार्वजनिक व्यय में कड़ा वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। शासन के वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए नए 'वित्त निर्देश 14/2026' के तहत तत्काल प्रभाव से सरकारी खर्चों में भारी कटौती और मितव्ययिता के उपायों को लागू कर दिया गया है। वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा हस्ताक्षरित यह नया सरकारी फरमान आगामी 30 सितंबर, 2026 तक पूरे राज्य में कड़ाई से प्रभावी रहेगा।
इस नए निर्देश के लागू होने के बाद अब मंत्रियों के काफिले से लेकर सरकारी दफ्तरों में होने वाले रोजमर्रा के खर्चों पर सख्त पहरा लगा दिया गया है। सरकार के इस फैसले के तहत मंत्रियों के काफिले में चलने वाली गाड़ियों की संख्या को सीमित किया जाएगा, जिससे ईंधन और रखरखाव के खर्च में कमी आ सके। इसके साथ ही, सरकारी अधिकारियों और अफसरों के अनावश्यक विदेश दौरों पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध (बैन) लगा दिया गया है, ताकि राजस्व की बचत की जा सके।
वित्तीय कड़ाई का यह असर केवल दौरों और काफिलों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी दफ्तरों में बिजली और कागज की खपत को लेकर भी सख्त गाइडलाइंस तय की गई हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक फिजूलखर्ची को रोकना और जनता के पैसे का सही दिशा में सदुपयोग करना है। माना जा रहा है कि इस कड़े फैसले से राज्य कोष पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।








