RRT News Raipur: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राजधानी रायपुर और नया रायपुर क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। आज लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान राज्यपाल ने रायपुर वन मंडल और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से शहरी और विकसित क्षेत्रों में लगाए गए वृक्षों तथा नए पौधों के संरक्षण एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने साफ कहा कि केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें एक वृक्ष के रूप में विकसित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
राज्यपाल ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि शहर में केवल अत्यंत अपरिहार्य और आवश्यक परिस्थितियों में ही वृक्षों की कटाई की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने एक गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि शहर में कई बड़े हो चुके वृक्षों के चारों ओर कंक्रीट का ढांचा बना दिया गया है और पुराने ट्री-गार्ड अब भी लगे हुए हैं, जिससे पेड़ों का दम घुट रहा है। उन्होंने इन ट्री-गार्ड्स को तुरंत हटाने और पेड़ों के चारों तरफ बने कंक्रीट के ढांचों को तत्काल साफ करने के आदेश दिए, ताकि पेड़ों की जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में पानी और हवा पहुंच सके और उनका प्राकृतिक व समुचित विकास बाधित न हो।
इसके साथ ही राज्यपाल श्री डेका ने वर्तमान में देश और राज्य भर में चल रहे 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे जन-अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों को व्यापक स्तर पर निरंतर चलाया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वृक्षारोपण के बाद पौधों की जीवित रहने की दर (सर्वाइवल रेट) को बढ़ाने के लिए नियमित निगरानी, सिंचाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राज्यपाल ने नगर निगम, राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को आपस में तालमेल बिठाकर शहर के हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) को तेजी से विकसित करने और लगाए गए हर एक पौधे की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय करने के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा है।







