रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों पर तय कीमत से अधिक दर (ओवररेटिंग) पर शराब बेचे जाने के खिलाफ आबकारी विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। राज्य शासन और आबकारी मुख्यालय को पिछले लंबे समय से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है। आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने इस मामले में सीधे तौर पर लापरवाही बरतने वाले चार आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगातार यह शिकायतें सामने आ रही थीं कि मदिरा दुकानों में सेल्समैन और सुपरवाइजर द्वारा ग्राहकों से निर्धारित एमआरपी (MRP) से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। इन गड़बड़ियों और अवैध वसूली पर अंकुश लगाने में नाकाम रहने और अपने कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण आबकारी आयुक्त ने सख्त तेवर दिखाए हैं। इस बड़ी विभागीय गाज से पूरे आबकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
इस कार्रवाई के तहत जहां चार जिम्मेदार आबकारी अधिकारियों को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, वहीं इसी मामले में संदेहास्पद भूमिका और लापरवाही को लेकर आठ अन्य अधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' (शो-कॉज नोटिस) जारी किया गया है। विभाग ने इन सभी आठ अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, अन्यथा उनके खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है।
आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि राज्य में ओवररेटिंग या किसी भी प्रकार की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी जिला अधिकारियों को मदिरा दुकानों की लगातार आकस्मिक जांच (औचक निरीक्षण) करने और प्रिंट रेट से एक रुपया भी ज्यादा वसूलने वालों पर सीधे एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से अवैध मुनाफाखोरी करने वाले बिचौलियों और भ्रष्ट कर्मियों में डर का माहौल है।







