रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और सुलभ बनाने की दिशा में डिजिटल तकनीक का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से आम नागरिकों और किसानों को सरकारी सेवाओं का लाभ पहले की तुलना में अधिक तेजी और आसानी से मिल रहा है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत देना है।
नई व्यवस्था के तहत अब किसान और नागरिक व्हाट्सएप जैसे डिजिटल माध्यम से खसरा, बी-1 और ऋण पुस्तिका सहित कई आवश्यक राजस्व दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं। पहले इन दस्तावेजों के लिए तहसील और पटवारी कार्यालयों में जाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अधिक आवश्यकता होती थी। डिजिटल सुविधा शुरू होने से दस्तावेज कुछ ही समय में उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बन गई है।
राज्य सरकार के अनुसार, तकनीक आधारित यह पहल प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने, सेवाओं को समयबद्ध बनाने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का मानना है कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार से किसानों और आम नागरिकों को अधिक सुगम, प्रभावी और जवाबदेह प्रशासन का लाभ मिलेगा।







