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Cyber Security News: छत्तीसगढ़ में 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश, मुख्यमंत्री बोले—अभियान की यह नई शुरुआत

Chhattisgarh 10 October 2026 (7)

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रायपुर, 9 अक्टूबर 2026। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए जनभागीदारी और जागरूकता को व्यापक अभियान का रूप देना जरूरी है। साइबर सुरक्षा केवल सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि सात सप्ताह के अभियान का समापन साइबर जागरूकता की यात्रा का अंत नहीं है, बल्कि यह एक नई शुरुआत है। प्रदेश में साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।

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Cyber Awareness Campaign: सात सप्ताह में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए गए साइबर जागृति अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से शहरों से लेकर गांवों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया गया। अभियान के दौरान अलग-अलग विषयों पर जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए गए।

अभियान के सात सप्ताह के दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से नागरिकों की भागीदारी दर्ज की गई। इस दौरान लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर लोगों की भागीदारी बताती है कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और नागरिक से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुकी है।

Digital India: ऑनलाइन सुविधाओं के साथ साइबर सुरक्षा भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान ने देश में व्यापक बदलाव किए हैं। वर्ष 2014 में जब डिजिटल इंडिया की परिकल्पना प्रस्तुत की गई थी, तब इतने बड़े देश और विशाल ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था की सफलता को लेकर कई आशंकाएं थीं। आज गांवों में रहने वाले सामान्य नागरिक भी मोबाइल फोन से डिजिटल भुगतान कर रहे हैं और तकनीक के माध्यम से देश-दुनिया से जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इनके विस्तार के साथ साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी नए-नए तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई बार तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग भी इनके जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी होना जरूरी है।

Cyber Safety: अभियान का समापन नहीं, नई शुरुआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर जागृति अभियान को किसी निश्चित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं और आम नागरिकों को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से साइबर जागरूकता के संवाहक बनने की अपील की। युवा अपने परिवार और समाज को ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों की जानकारी देकर इस अभियान को आगे बढ़ा सकते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देने से ही सुरक्षित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी तरीके से आगे बढ़ा जा सकेगा।

Traffic Hackathon 2026: रायपुर की यातायात समस्याओं के समाधान खोजेंगे युवा

मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की सराहना करते हुए कहा कि रायपुर का तेजी से विस्तार हो रहा है। आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी का बेहतर तालमेल जरूरी है।

उन्होंने बताया कि हैकाथॉन के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं ने राजधानी की यातायात समस्याओं का अध्ययन कर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं। सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी और जो समाधान उपयोगी तथा व्यवहारिक पाए जाएंगे, उन्हें लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

CM Rural Bus Service: दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन सुविधा का विस्तार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि बस सेवाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को पहले शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा शुरू की गई है। विशेष रूप से लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे मार्गों पर 100 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है, जहां आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होने के कारण पहले बस सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाभ-हानि से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता दी है और इन मार्गों पर बस संचालन से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई की व्यवस्था की है। उन्होंने बस में ग्रामीणों के साथ यात्रा के दौरान अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि इस सेवा से लोगों को आवागमन में सुविधा मिल रही है।

Cyber Crime Action: एफआईआर में कमी और रिकवरी दर में वृद्धि का दावा

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दुनिया में होने वाले डिजिटल लेनदेन का लगभग 50 प्रतिशत भारत में होता है। उन्होंने इसे डिजिटल इंडिया अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान ने लोगों की जिंदगी आसान बनाई है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों से सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ी है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के तहत धार्मिक आयोजनों, चौक-चौराहों, ग्राम सभाओं, ग्राम पंचायतों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों तक पहुंचकर लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके बताए।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है। साइबर अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खाते खुलवाने में संलिप्त बैंककर्मियों और फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उनके अनुसार, इन प्रयासों से साइबर अपराधों से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी की रकम वापस प्राप्त करने की दर में वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था की समस्याओं का स्थायी समाधान भी जनभागीदारी और नवाचार से ही संभव है। इसी उद्देश्य से ट्रैफिक हैकाथॉन का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने उपयोगी और व्यावहारिक सुझाव दिए।

Seven Cyber Safety Themes: सात विषयों पर चला जागरूकता अभियान

छत्तीसगढ़ पुलिस ने 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश की 34 पुलिस इकाइयों के समन्वय से सात विषय आधारित सप्ताहों में साइबर जागृति अभियान संचालित किया। इसमें डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय धोखाधड़ी एवं यूपीआई सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा, रोजगार संबंधी ठगी, डेटा गोपनीयता और सामूहिक संकल्प जैसे विषय शामिल रहे।

अभियान के दौरान नागरिकों को ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से दूर रहने, फर्जी निवेश योजनाओं से सावधान रहने और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों को पहचानने के तरीके बताए गए।

युवाओं को ‘साइबर प्रहरी’ के रूप में जोड़कर उनके माध्यम से परिवारों और समाज तक जागरूकता पहुंचाने की पहल की गई। पुलिस ने नागरिकों को साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया।

Social Media Reach: 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज

साइबर जागृति अभियान में सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग किया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और व्हाट्सऐप के माध्यम से साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेश और जागरूकता सामग्री प्रसारित की गई।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के सहयोग से अभियान के दौरान 3,100 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज मिले। आई4सी ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभियान से संबंधित कई पोस्ट साझा कीं, जिससे साइबर सुरक्षा के संदेश की पहुंच बढ़ाने में मदद मिली।

District Initiatives: जिलों ने अपनाए जागरूकता के अभिनव तरीके

साइबर जागृति अभियान के दौरान विभिन्न जिलों ने स्थानीय जरूरतों के अनुसार अलग-अलग पहल कीं।

मुंगेली: विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से लगभग 15 हजार ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

गरियाबंद: मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्व-सहायता समूहों की लगभग 493 महिलाओं को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई, ताकि वे परिवारों तक जागरूकता पहुंचा सकें।

दुर्ग: ‘सुरक्षित दुर्ग, साइबर जागरूक दुर्ग’ अभियान के तहत विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटकों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से 15 हजार से अधिक नागरिकों को जागरूक किया।

रायपुर: साइबर जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्में प्राप्त हुईं। इन फिल्मों के माध्यम से लगभग दो लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचने का अनुमान है।

जांजगीर-चांपा: ‘एक राखी साइबर जागृति के नाम’ अभियान के जरिए लगभग 1 लाख 61 हजार नागरिकों तक जागरूकता पहुंचाई गई।

बिलासपुर: आकाशवाणी के विशेष फोन-इन कार्यक्रम के माध्यम से लगभग आठ लाख श्रोताओं तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा।

समारोह में इन अभिनव प्रयासों के लिए संबंधित जिलों को सम्मानित किया गया।

Smart Traffic Management: एआई और आईओटी से जाम कम करने की पहल

ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के ओवरऑल विजेता कार्तिकेय पंत ने रायपुर के शंकर नगर टर्निंग पॉइंट की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ‘टैक्टिकल अर्बनिज्म’ की अवधारणा पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया।

उनके सुझावों में उपलब्ध सड़क क्षेत्र का बेहतर उपयोग, स्पष्ट लेन मार्किंग, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान, स्ट्रीट वेंडरों और ऑटोरिक्शा चालकों के लिए व्यवस्थित स्थान निर्धारित करना तथा यातायात प्रवाह में सुधार करना शामिल था।

हैकाथॉन के प्रतिभागियों ने टाटीबंध चौक, तेलीबांधा मरीन ड्राइव, आमापारा चौक, लोधीपारा चौक और शंकर नगर सहित राजधानी के प्रमुख यातायात दबाव वाले क्षेत्रों का अध्ययन किया। इसके आधार पर पार्किंग प्रबंधन, सुरक्षित पैदल मार्ग, सार्वजनिक परिवहन के एकीकरण, लेन मार्किंग और ट्रैफिक जाम कम करने से संबंधित समाधान प्रस्तुत किए।

युवाओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के सुझाव भी दिए। ‘रायपुर नेत्र’ और ‘दृष्टि’ जैसी प्रस्तावित परियोजनाओं में सीसीटीवी कैमरों और एआई तकनीक से यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान, जाम की पूर्व सूचना और एम्बुलेंस तथा अग्निशमन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने जैसी परिकल्पनाएं शामिल रहीं।

Technical Support: एनआईटी रायपुर सहित संस्थाओं ने दिया सहयोग

ट्रैफिक हैकाथॉन के आयोजन में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर ने तकनीकी सहयोग दिया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रस्तावों का दो चरणों में परीक्षण किया। इस दौरान समाधानों की तकनीकी व्यवहार्यता, उपयोगिता और क्रियान्वयन की संभावनाओं का मूल्यांकन किया गया। आयोजन में शिवाशा फाउंडेशन का भी सहयोग रहा।

विधायक राजेश मूणत ने कहा कि राजधानी की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने यातायात समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना और व्यावहारिक कदमों की आवश्यकता पर जोर दिया।

समारोह में ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रजककार बोर्ड के अध्यक्ष प्रह्लाद रजक, विधायक राजेश मूणत, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, पुलिस महानिदेशक अरुण गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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