Breaking
- Chhattisgarhi Language News: आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में पहल, र...
- Municipal Action: चंगोराभाठा में अनुमति के विपरीत निर्माण पर निगम की कार्रवाई...
- Chhattisgarh Private University News: निजी विश्वविद्यालयों की जानकारी अब एक प...
- नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, प्रत्येक मापदंड पर दिखे ठो...
- Chhattisgarh Paddy Procurement News: खरीफ सीजन की तैयारियों की खाद्य मंत्री न...
- Korba Education News: 1500 छात्राओं को मिली एजुकेशन किट, सरकारी कॉलेजों में व...
- Raipur Journalism University News: राज्यपाल डेका ने कन्या छात्रावास और मेधा A...
- Chhattisgarh High Court News: न्यायमूर्ति कृष्न राम महापात्र ने संभाली मुख्य ...
- Chhattisgarh Governance News: ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता की डिजिटल पहल को ...
- Raipur Property Tax Action: 6 बकायादारों के व्यावसायिक परिसरों पर निगम की कार...
शिकारियों की हैवानियत: सूअर के लिए बिछाए करंट से दो दोस्तों की मौत, साक्ष्य मिटाने शवों को बोरे में भरकर डैम में फेंका...

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले (या संबंधित क्षेत्र) से एक रूह कपाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पिछले 6 दिनों से लापता दो दोस्तों की लाशें एक डैम से बरामद की गई हैं। दोनों युवक संदिग्ध परिस्थितियों में गायब थे, जिसके बाद पुलिस और परिजन उनकी लगातार तलाश कर रहे थे। शनिवार को जब डैम के पानी में तैरते हुए बोरे देखे गए, तब इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ। पुलिस ने जब बोरों को खोलकर देखा, तो उसमें दोनों लापता युवकों के शव बरामद हुए।

शिकारियों के जाल ने ली जान
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि दोनों युवकों की मौत किसी रंजिश के कारण नहीं, बल्कि शिकारियों की लापरवाही से हुई। इलाके के कुछ शिकारी जंगली सूअर का शिकार करने के लिए जंगलों और खेतों के किनारे अवैध रूप से बिजली के नंगे तार बिछाकर करंट फैलाते हैं। दोनों दोस्त रात के समय उस इलाके से गुजर रहे थे और अनजाने में उस करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
साक्ष्य मिटाने के लिए की गई क्रूरता
जब शिकारियों ने देखा कि उनके जाल में जानवर के बजाय दो इंसान फंस गए हैं, तो वे डर गए। खुद को बचाने के लिए उन्होंने मानवता को शर्मसार करने वाला कदम उठाया। उन्होंने दोनों युवकों की लाशों को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। शिकारियों ने शवों को बोरों में भरा, उनमें पत्थर डाले ताकि वे डूब जाएं और फिर उन्हें पास के एक डैम में ले जाकर फेंक दिया। आरोपियों को लगा था कि पानी में शव कभी नहीं मिलेंगे, लेकिन 6 दिन बाद शव फूलकर ऊपर आ गए।
पुलिस ने आरोपियों को लिया हिरासत में
शवों के मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर संदेहियों से पूछताछ शुरू की। कड़ाई से पूछताछ करने पर कुछ स्थानीय शिकारियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से शिकार में इस्तेमाल होने वाले तार और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, साक्ष्य छिपाने और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्षेत्र में फैला आक्रोश और डर
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और भारी आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए जाने वाले ये बिजली के जाल इंसानों के लिए भी काल बन रहे हैं। परिजनों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जंगलों में करंट बिछाने वालों के खिलाफ अब विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।







