रायपुर। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन के आगामी मुखिया यानी नए प्रदेशाध्यक्ष पद की कमान किसे सौंपी जाएगी, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बेहद तेज हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चल रही अंदरूनी चर्चाओं के बीच अब सत्तापक्ष (भाजपा) और विपक्ष (कांग्रेस) के बीच तीखा जुबानी तीर चलने लगा है। दरअसल, वर्तमान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल आगामी जुलाई 2026 में समाप्त होने जा रहा है, जिसके बाद से ही संगठन में नए चेहरे की ताजपोशी को लेकर कयासों का दौर जारी है।
इस गरमाए मुद्दे पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला था। भाजपा नेता जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा था कि कांग्रेस में अध्यक्ष चाहे कोई भी बने, वहाँ अंदरूनी गुटबाजी, सिरफुटौव्वल और अंतर्कलह कभी खत्म नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक डूबता जहाज है, जहां हर नेता अपनी ढपली अपना राग अलाप रहा है। सत्तापक्ष के इस तीखे प्रहार पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जोरदार पलटवार किया है।
चरणदास महंत ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हमारी पार्टी में पूरी तरह से आंतरिक लोकतंत्र है और हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस के अंदरूनी मामलों में दखल देने और चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, वे पहले अपने घर को संभालें। महंत ने साफ किया कि जुलाई में कार्यकाल पूरा होने के बाद आलाकमान लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जो भी फैसला लेगा, पूरी कांग्रेस एकजुट होकर उसके साथ काम करेगी। इस सियासी घमासान ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।







