रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी गोदामों और संग्रहण केंद्रों से धान गायब होने के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आज राजधानी में 'चूहों की बारात' निकाली। यह अनोखा जुलूस कांग्रेस भवन से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक पहुँचा, जिसमें कार्यकर्ता बाकायदा बाराती बनकर शामिल हुए। इस प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार पर यह तंज कसना था कि करोड़ों का धान अधिकारी और चूहे मिलकर डकार गए हैं।
कार्यकर्ता बने बाराती, बैंड-बाजे के साथ प्रदर्शन
कांग्रेस के इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। बैंड-बाजे के साथ निकाली गई इस बारात में कार्यकर्ता नाचते-गाते कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। विरोध का यह तरीका शहर में चर्चा का विषय बना रहा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश के विभिन्न केंद्रों से भारी मात्रा में धान की कमी पाई गई है, जिसे प्रशासन चूहों द्वारा खाया जाना बताकर पल्ला झाड़ रहा है। इसी 'चूहा थ्योरी' पर तंज कसते हुए कांग्रेस ने यह आयोजन किया।
SDM को सौंपा 'जिंदा चूहा'
प्रदर्शन तब और भी चर्चा में आ गया जब कलेक्ट्रेट पहुँचकर कांग्रेसी नेताओं ने ज्ञापन सौंपने के दौरान SDM को एक पिंजरे में बंद जिंदा चूहा भेंट कर दिया। कांग्रेसियों ने मजाकिया लहजे में कहा कि "यही वो असली 'आरोपी' हैं जिन्होंने सारा धान गायब कर दिया है, इन्हें गिरफ्तार किया जाए।" कार्यकर्ताओं ने मांग की कि धान घोटाले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
660 करोड़ के घोटाले से जोड़ा मामला
कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए राज्य सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा। नेताओं का कहना है कि एक तरफ किसान अपनी उपज के लिए टोकन को तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ संग्रहण केंद्रों में रखा हजारों क्विंटल धान 'गायब' हो रहा है। कांग्रेस ने इसे 'धान घोटाला' करार देते हुए कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बेतुके बहाने बना रही है।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
ज्ञापन लेने पहुँचे अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। हालांकि, जिंदा चूहा सौंपे जाने की घटना पूरे दिन सोशल मीडिया पर वायरल होती रही। भाजपा ने इस पर पलटवार करते हुए इसे कांग्रेस का 'राजनीतिक स्टंट' बताया है।








