RRT News Raipur: छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव 2028 भले ही अभी समय के लिहाज से काफी दूर नजर आ रहे हों, लेकिन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राज्य में मुख्य विपक्षी दल के सांगठनिक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त और मजबूत करने की दिशा में अपनी सियासी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। पार्टी हाईकमान का पूरा ध्यान अब राज्य में एक ऐसे मजबूत और ऊर्जावान नेतृत्व को खड़ा करने पर है, जो आगामी चुनावों में सत्ताधारी दल को कड़ी टक्कर दे सके। इसके लिए संगठन के भीतर जमीनी स्तर पर बड़े बदलावों की रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंका जा सके।
इस पूरे सियासी घटनाक्रम के केंद्र में वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल है। दीपक बैज का निर्धारित तीन वर्ष का कार्यकाल आगामी 9 जुलाई को समाप्त होने जा रहा है। कार्यकाल की समाप्ति के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे पार्टी के उच्च स्तर पर नए प्रदेशाध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर अंदरूनी सुगबुगाहट और कयासों का दौर बेहद तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा आम है कि क्या दीपक बैज को ही आगे सेवा का मौका दिया जाएगा या फिर संगठन की कमान किसी नए रणनीतिकार के हाथों में सौंपी जाएगी।
सूत्रों से मिल रहे संकेतों के मुताबिक, कांग्रेस आलाकमान इस बार छत्तीसगढ़ की कमान किसी युवा और आक्रामक चेहरे को सौंपने के मूड में दिखाई दे रहा है। इसके पीछे पार्टी की सोच युवा वोट बैंक को साधने और लंबे समय के लिए नेतृत्व तैयार करने की है। नए अध्यक्ष के चयन में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को भी बेहद बारीकी से तौला जा रहा है, ताकि पार्टी के भीतर किसी भी तरह का असंतोष न उपजे। फिलहाल, दिल्ली से लेकर रायपुर तक कई दिग्गज और युवा नेताओं के नामों पर मंथन जारी है और माना जा रहा है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह तक नए नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।







