छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) में 5800 रिक्त पदों पर भर्ती की आस लगाए बैठे हजारों युवाओं का धैर्य अब जवाब दे रहा है। विज्ञापन जारी हुए लंबा समय बीत जाने के बाद भी फिजिकल टेस्ट (शारीरिक दक्षता परीक्षा) की तारीखें घोषित न होने से नाराज अभ्यर्थियों ने राजधानी रायपुर में बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से कड़ा अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।
प्रदर्शनकारी युवाओं ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों से लेकर वर्तमान सरकार तक भर्ती के नाम पर केवल आश्वासन ही मिले हैं। भर्ती प्रक्रिया के ठप होने से कई अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा (Age Limit) को पार करने की कगार पर हैं, जिससे उनकी सरकारी नौकरी पाने की अंतिम उम्मीद भी टूट रही है। सोशल मीडिया पर #CAF_Bharti_Do जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं और अभ्यर्थी अब "आर-पार की लड़ाई" के मूड में नजर आ रहे हैं। उनका तर्क है कि जब अन्य विभागों में नियुक्तियां हो रही हैं, तो पुलिस विभाग की इस महत्वपूर्ण विंग में देरी क्यों की जा रही है?
भर्ती को लेकर मचे इस बवाल के बीच शासन और पुलिस मुख्यालय (PHQ) की चुप्पी ने आग में घी डालने का काम किया है। हालांकि, विभागीय सूत्रों का कहना है कि तकनीकी कारणों और आरक्षण रोस्टर के मिलान की वजह से देरी हो रही है, लेकिन अभ्यर्थी इसे केवल "टालने की नीति" बता रहे हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही फिजिकल टेस्ट का शेड्यूल जारी नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।








