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छत्तीसगढ़ बजट की ऐतिहासिक छलांग: ₹5,000 करोड़ से ₹1.72 लाख करोड़ तक का सफर, 35 गुना बढ़ा राज्य का बजट

Chhattisgarh RRT News Desk 24 February 2026

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छत्तीसगढ़ राज्य के गठन से लेकर अब तक की वित्तीय यात्रा ने एक नया इतिहास रच दिया है। साल 2000 में राज्य बनने के बाद जब पहला बजट पेश किया गया था, तब उसका आकार मात्र 5,000 करोड़ रुपये था। आज 25 वर्षों बाद, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विजन से यह आंकड़ा 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। बजट के आकार में यह 35 गुना की बढ़ोतरी राज्य की सुदृढ़ होती अर्थव्यवस्था और बढ़ते संसाधनों का जीता-जागता प्रमाण है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस ऐतिहासिक वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे 'संतुलित विजन से विकास की अप्रतिम यात्रा' करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के पौने तीन करोड़ लोगों के भरोसे और उनकी आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। सरकार का दावा है कि राज्य ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए पूंजीगत व्यय में वृद्धि की है, जिससे आने वाले समय में रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।

इस बार के बजट में कई चीजें खास हैं। जहाँ पुराने दौर में बजट पारंपरिक खेती और बुनियादी जरूरतों तक सीमित था, वहीं 2026 का यह बजट डिजिटल इकोनॉमी, आईटी हब और नवाचार पर केंद्रित है। 'ज्ञान' (GYAN) विजन के तहत गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को केंद्र में रखकर योजनाओं का जाल बुना गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट में की गई भारी बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि सरकार अब मानव संसाधन विकास को सबसे अधिक प्राथमिकता दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बजट का आकार 35 गुना बढ़ना छत्तीसगढ़ की क्रय शक्ति और जीडीपी में आए उछाल को दर्शाता है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इस बजट को 'भविष्य का ब्लूप्रिंट' बताया है, जिसमें आधुनिक तकनीक के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों के विकास का रोडमैप शामिल है। ₹1.72 लाख करोड़ का यह भारी-भरकम बजट छत्तीसगढ़ को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम है।

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