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छत्तीसगढ़ से बांग्लादेशी घुसपैठियों की होगी विदाई: 'क्विट इंडिया' नोटिस जारी, पहचान के लिए STF की स्पेशल रिव्यु मीटिंग; सरकार ने कसी कमर

रायपुर: छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ राज्य शासन ने निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। संदिग्धों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने न केवल विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, बल्कि संदिग्ध पाए गए व्यक्तियों को 'क्विट इंडिया' (भारत छोड़ो) नोटिस जारी करना भी शुरू कर दिया है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और रणनीति के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है।

संदिग्धों की पहचान के लिए सघन अभियान
राज्य के विभिन्न जिलों, विशेषकर बस्तर और औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पहचान के लिए खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
दस्तावेजों की जांच: राशन कार्ड, आधार कार्ड और मतदाता सूची में संदिग्ध रूप से शामिल नामों की स्क्रूटनी की जा रही है।
पहचान प्रक्रिया: पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें बस्तियों और संदिग्ध ठिकानों पर जाकर वेरिफिकेशन कर रही हैं।
क्विट इंडिया नोटिस: जिन व्यक्तियों के पास भारत में रहने के वैध दस्तावेज नहीं पाए गए हैं, उन्हें नियमानुसार देश छोड़ने का नोटिस दिया जा रहा है।
STF की समीक्षा बैठक और रणनीति
घुसपैठियों को वापस भेजने की प्रक्रिया तकनीकी और कानूनी रूप से जटिल होती है, इसलिए STF (Special Task Force) की भूमिका अहम हो गई है। आगामी समीक्षा बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा संभव है:
डिटेंशन सेंटर: संदिग्धों को वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें रखने के लिए डिटेंशन सेंटर्स की व्यवस्था।
बॉर्डर समन्वय: अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय ताकि घुसपैठियों के रूट को ट्रैक किया जा सके।
कानूनी बाधाएं: नागरिकता और अवैध निवास से जुड़े कानूनी मामलों का त्वरित निपटारा।
राजनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम
छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि अवैध रूप से रह रहे घुसपैठिये न केवल राज्य के संसाधनों पर बोझ हैं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा के लिए भी संभावित खतरा हो सकते हैं। हाल के दिनों में कई आपराधिक मामलों में अवैध रूप से रह रहे संदिग्धों की संलिप्तता सामने आने के बाद शासन ने इस मुद्दे पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। इस कार्रवाई से प्रदेश के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में हड़कंप मचा हुआ है।







