Breaking

छत्तीसगढ़ में 'क्विट इंडिया' नोटिस से हड़कंप: 57 घुसपैठियों को देश छोड़ने का आदेश; STF की पैनी नजर, जल्द शुरू होगी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया

Chhattisgarh RRT News Desk 08 May 2026

post

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध विदेशी नागरिकों और बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अपने अभियान को निर्णायक मोड़ पर ला दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में पहचान किए गए 57 संदिग्ध बांग्लादेशी घुसपैठियों को 'क्विट इंडिया' (भारत छोड़ो) नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस इस बात का अंतिम संकेत है कि इन व्यक्तियों के पास भारत में रहने के कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं और इन्हें जल्द ही सीमा पार भेजा जाएगा।

Advertisement

STF और खुफिया विभाग की संयुक्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री और गृह विभाग के कड़े निर्देशों के बाद, राज्य के सभी जिलों में गठित स्पेशल टास्क फोर्स (STF) सक्रिय हो गई है।

57 नोटिस जारी: रायपुर, दुर्ग, बस्तर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अब तक 57 लोगों को चिन्हित कर उन्हें देश छोड़ने का औपचारिक नोटिस दिया जा चुका है।

दस्तावेजों का फर्जीवाड़ा: जांच में यह बात सामने आई है कि कई घुसपैठियों ने फर्जी तरीके से आधार कार्ड और राशन कार्ड बनवा लिए थे, जिनकी बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है।

टोल-फ्री नंबर का असर: सरकार द्वारा जारी किए गए टोल-फ्री नंबर (18002331905) पर मिल रही शिकायतों के आधार पर भी कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

डिपोर्टेशन की तैयारी और कानूनी प्रक्रिया

नोटिस जारी होने के बाद, अब इन घुसपैठियों को वापस भेजने (Deportation) की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

होल्डिंग सेंटर: डिपोर्टेशन से पहले इन व्यक्तियों को विशेष होल्डिंग या डिटेंशन सेंटर्स में रखा जाएगा।

BSF के साथ समन्वय: छत्तीसगढ़ पुलिस और STF की टीम सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ तालमेल बिठा रही है ताकि इन्हें सुरक्षित रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक पहुँचाया जा सके।

अगला चरण: हाल ही में 30 घुसपैठियों को असम के रास्ते वापस भेजने की सफल कार्रवाई के बाद, अब इन 57 व्यक्तियों पर प्रशासन का पूरा फोकस है।

आंतरिक सुरक्षा सर्वोपरि

राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की शांति और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। संदिग्धों को शरण देने वाले स्थानीय लोगों, ठेकेदारों या फर्जी दस्तावेज बनाने वाले एजेंटों के खिलाफ भी एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के बाद से राज्य के सीमावर्ती इलाकों और संदिग्ध बस्तियों में सन्नाटा पसरा हुआ है।

You might also like!