Breaking
- Health Chhattisgarh: स्वाइन फ्लू के 110 मामले, रायपुर में सबसे ज्यादा 56 मरीज
- Chhattisgarh LPG News: e-KYC पूरा नहीं कराने वालों के गैस कनेक्शन पर असर, 6 ल...
- Women Empowerment Chhattisgarh: महतारी वंदन की 31वीं किस्त से कुसुम की रक्षाब...
- Sports Raipur: राष्ट्रीय खेल दिवस पर केटीयू में पारंपरिक और नवाचारी खेलों की धूम
- Education Chhattisgarh: राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों से कहा- लक्ष्य के...
- Sports Chhattisgarh: खेल प्रतिभाओं को सम्मान, 666 खिलाड़ियों-प्रशिक्षकों को म...
- Sports News: छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास को मिला नया मंच, मुख्यमंत्री साय ने ‘हमा...
- Education News: लक्ष्य को जुनून बनाकर मेहनत करें, सफलता जरूर मिलेगी—राज्यपाल ...
- Bastar Peace: 25 साल नक्सली संगठन में रहीं मीना ने जवानों की कलाई पर बांधी रा...
- Ration Dealers: 250 रुपये कमीशन की मांग के बीच 11 रुपये की बढ़ोतरी से विक्रेत...
छत्तीसगढ़: बिजली के तार की चपेट में आकर एक और हाथी की मौत, 2 साल में आधा दर्जन से ज़्यादा गजराजों ने गंवाई जान

रायपुर/रायगढ़: छत्तीसगढ़ में हाथियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रायगढ़ जिले में एक बार फिर एक दंतेल हाथी की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। बीती रात, तमनार वन परिक्षेत्र के केराखोल गांव में बिछाए गए अवैध बिजली के तार की चपेट में आकर हाथी ने दम तोड़ दिया।

शिकार के लिए बिछाया गया था तार
वन विभाग की शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह बिजली का तार इलाके में जंगली सूअरों के शिकार के लिए बिछाया गया था। रात के अंधेरे में एक दंतेल हाथी इसकी चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पंचनामा कर हाथी का पोस्टमार्टम शुरू किया।
वन विभाग के डीएफओ की पुष्टि
रायगढ़ के वनमंडलाधिकारी (DFO) अरविंद पीएम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जंगली सूअर के शिकार के लिए यह बिजली का तार बिछाया गया था। उन्होंने कहा कि विभाग की टीम घटनास्थल पर जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। दोषियों की पहचान होते ही उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डेढ़ साल में आधा दर्जन से ज्यादा मौतें
यह घटना इस क्षेत्र में हाथियों की हो रही मौतों की लंबी श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है। पिछले डेढ़ साल में, इस इलाके में करीब आधा दर्जन से अधिक हाथियों की मौत हो चुकी है:
करंट लगने से मौत: चूहकीमार नर्सरी के पास 11 केवी की लटकती हुई तार के संपर्क में आकर तीन हाथियों की मृत्यु हुई थी।
अन्य घटनाएं: घरघोड़ा रेंज में दो हाथियों की मौत हुई थी, जबकि धरमजयगढ़ वन मंडल में एक हाथी शावक गड्ढे में गिरकर पानी में डूबने से जान गंवा चुका है। इसके अलावा, एक हाथी का पुराना कंकाल भी पाया गया था।
ठोस कदम उठाने की मांग
हाथियों की लगातार हो रही मौतों पर विशेषज्ञ और पर्यावरणविद चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह दुर्घटनाएं वन विभाग की लापरवाही, बिजली विभाग की उदासीनता और शिकारियों द्वारा बिछाए जा रहे अवैध बिजली के तारों के जाल का नतीजा हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जब तक ट्रैप-लाइन, अवैध विद्युत तार और हाथियों के सुरक्षित गलियारों (कॉरिडोर) को लेकर जमीनी स्तर पर काम नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसे दर्दनाक हादसे थमने वाले नहीं हैं।
हाई कोर्ट ने भी दिया था सख्त निर्देश
पूर्व के मामलों में, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भी हाथियों की मौत के मामले में संज्ञान लिया था और वन विभाग के अधिकारियों व छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को सख्त निर्देश दिए थे कि वे अपनी जवाबदेही तय करें। कोर्ट ने वन आंचल क्षेत्रों में बिजली के खंभों और कम ऊंचाई वाले तारों को अधिकतम ऊंचाई तक पहुंचाने के निर्देश दिए थे ताकि जंगली हाथियों की मौत न हो। हालांकि, वर्तमान घटना विभाग के इन निर्देशों के पालन पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।







