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आस्था या चमत्कार! छत्तीसगढ़ के चंडी मंदिर में रोज आरती में शामिल होता है भालुओं का परिवार; करीब से दर्शन के लिए उमड़ रही भारी भीड़

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के घूंचापाली गांव से आस्था और कौतूहल का एक अद्भुत नजारा सामने आ रहा है। यहाँ स्थित मां चंडी मंदिर में पिछले कुछ समय से जंगली भालुओं का एक परिवार रोजाना शाम की आरती में शामिल होने पहुंच रहा है। मंदिर परिसर में भालुओं की यह नियमित उपस्थिति अब चर्चा का विषय बन गई है। हैरानी की बात यह है कि ये जंगली जानवर मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि शांतिपूर्वक माता के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।

हर शाम जैसे ही मंदिर में आरती की तैयारी शुरू होती है, जंगल से निकलकर ये भालू कभी दो तो कभी चार की संख्या में मंदिर परिसर में दाखिल होते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ये भालू मंदिर के गर्भगृह के पास तक जाते हैं और माता का प्रसाद ग्रहण कर वापस सुरक्षित जंगल की ओर लौट जाते हैं। इस 'चमत्कारी' दृश्य को अपनी आंखों से देखने और मां चंडी का आशीर्वाद लेने के लिए दूर-दूर से सैकड़ों लोग रोजाना यहाँ पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर में भारी भीड़ उमड़ रही है।
श्रद्धालुओं के बीच यह गहरी आस्था का विषय है कि ये भालू मां चंडी के अनन्य भक्त हैं और वर्षों से इस परंपरा का पालन कर रहे हैं। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए भी यह एक दुर्लभ दृश्य है, जहां हिंसक माने जाने वाले जंगली जीव इंसानों के बीच इतने शांत और भक्ति भाव में नजर आते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर प्रशासन और वन विभाग भी सतर्क रहता है, लेकिन भालुओं के सौम्य व्यवहार ने इसे एक आध्यात्मिक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिला दी है।







