महादेव सट्टा ऐप मामले में गिरफ्तार किए गए चैतन्य बघेल को करीब 170 दिनों के बाद जेल से रिहाई मिल गई है। जेल से बाहर निकलते ही समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और जमकर आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया। रिहाई के बाद चैतन्य ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनके खिलाफ की गई पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित और बदले की भावना का परिणाम थी।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और प्रदेश की जांच एजेंसियों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चैतन्य की रिहाई ने यह साबित कर दिया है कि ED और EOW जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल केवल राजनीतिक विरोधियों को दबाने और उनकी छवि खराब करने के लिए किया जा रहा है। बघेल ने इसे सच्चाई की जीत करार दिया।
चैतन्य बघेल ने जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से चर्चा में कहा, "मैं माननीय न्यायालय का धन्यवाद करता हूँ। मुझे जानबूझकर फंसाया गया था और बिना किसी पुख्ता सबूत के इतने दिनों तक सलाखों के पीछे रखा गया। यह कार्रवाई पूरी तरह से बदले की भावना से की गई थी, लेकिन अंत में सत्य की जीत हुई है।"
बता दें कि महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के मामले में राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कई गिरफ्तारियां की थीं। चैतन्य बघेल पर इस सिंडिकेट से जुड़े होने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब उन्हें जमानत मिली है, जिससे कांग्रेस खेमे में उत्साह देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चैतन्य बघेल की रिहाई से कांग्रेस को राज्य सरकार को घेरने का एक नया मुद्दा मिल गया है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली और 'पॉलिटिकल वेंडेटा' (राजनीतिक प्रतिशोध) को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।








