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छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट: उत्तरी छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर, मौसम विभाग की चेतावनी

Chhattisgarh RRT News Desk 15 January 2026

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छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाकों, विशेषकर सरगुजा संभाग में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। अंबिकापुर और आसपास के जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। मकर संक्रांति के बाद जहां तापमान बढ़ने की उम्मीद थी, वहीं उत्तरी-पश्चिमी बर्फीली हवाओं के चलने से ठिठुरन और ज्यादा बढ़ गई है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 4 डिग्री नीचे पहुँच चुका है, जिससे सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।

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पश्चिमी विक्षोभ और सर्द हवाओं का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कमजोर पड़ने के बाद हवा की दिशा में बदलाव आया है। अब उत्तर-पश्चिमी दिशा से आने वाली सूखी और ठंडी हवाएं सीधे छत्तीसगढ़ के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं। इसी भौगोलिक बदलाव के कारण पिछले 24 से 48 घंटों के भीतर पारे में तेजी से गिरावट आई है। उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, बलरामपुर और कोरिया जैसे जिले इस समय प्रदेश के सबसे ठंडे इलाके बने हुए हैं, जहाँ पाला गिरने जैसी स्थिति भी बन रही है।

मौसम विभाग का अगले 48 घंटे का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर (Cold Wave) की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे रातें और अधिक सर्द होंगी। उत्तर छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्य छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग में भी ठंडी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा। प्रशासन ने इस कड़ाके की ठंड को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और रात के समय अलाव का सहारा लेने की सलाह दी है।

कोहरे और धुंध से यातायात प्रभावित

ठंड के साथ-साथ सुबह के समय घना कोहरा भी मुसीबत बना हुआ है। सरगुजा संभाग के कई इलाकों में दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण सड़क यातायात पर बुरा असर पड़ा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 16 जनवरी के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है, जिसके बाद मैदानी इलाकों के मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल, अगले दो दिनों तक प्रदेशवासियों को इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

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