छत्तीसगढ़ में गर्मी की आहट के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। 24 फरवरी से राज्य में 'गुलाबी ठंड' का दूसरा दौर शुरू होने की संभावना है। उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं और नमी के मेल से न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे रात और सुबह के वक्त ठिठुरन फिर से बढ़ जाएगी।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से बस्तर संभाग और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों के लिए बारिश और वज्रपात (Lightning) का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जैसे मैदानी जिलों में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले 48 घंटों में रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जो गर्मी से राहत तो देगी लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की भी जरूरत है।
इस बेमौसम बदलाव का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाएं हैं। 23 फरवरी की रात से ही प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में बादलों का घेरा मजबूत होगा। हालांकि, उत्तरी छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) में अभी भी न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी अब पारा नीचे गिरेगा। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों और खलिहानों में रखे अनाज को सुरक्षित कर लें, क्योंकि गरज-चमक के साथ अचानक होने वाली बौछारें फसलों को नुकसान पहुँचा सकती हैं।








