छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए आने वाले तीन महीने काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर डिवीजन के तहत अकलतरा स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और चौथी रेल लाइन को जोड़ने के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जाना है। इस बड़े इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट के कारण 31 मार्च से 11 अप्रैल 2026 तक रायपुर-बिलासपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड पर चलने वाली 13 से अधिक मेमू और पैसेंजर ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी। इसके अलावा, मई महीने तक कई लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के रूट बदले जाएंगे या उन्हें शॉर्ट-टर्मिनेट किया जाएगा।
रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस ब्लॉक का सबसे ज्यादा असर दैनिक यात्रियों और शादियों के लिए सफर करने वाले परिवारों पर पड़ेगा। गोंदिया-झारसुगुड़ा और झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त कर दी जाएंगी। वहीं, रायपुर-कोरबा और बिलासपुर-गेवरा रोड पैसेंजर जैसी ट्रेनें भी प्रभावित रहेंगी। पुरी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म उन्नयन कार्य के चलते अप्रैल और मई में पुरी जाने वाली कई गाड़ियाँ अब साक्षी गोपाल या बीरपुरुषोत्तमपुर स्टेशन पर ही समाप्त होंगी, जिससे तीर्थयात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
गर्मी की छुट्टियों के चलते पहले ही ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है, ऐसे में ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों के पास सड़क मार्ग या बस का विकल्प ही बचेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ये कार्य रेल सुरक्षा और भविष्य में ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए अनिवार्य हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले NTES ऐप या हेल्प लाइन नंबर 139 के जरिए अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें।








