CG News : बालोद। जिला जेल बालोद की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जांच के दौरान जेल परिसर से छुपाकर रखा गया मोबाइल फोन मिलने के बाद पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह खुलासा उस वक्त हुआ, जब साइबर सेल और बालोद पुलिस हत्या की साजिश के एक मामले की जांच के सिलसिले में जेल पहुंची थी।
जांच में बड़ा खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि आदतन अपराधी मुकेश निर्मलकर ने जेल के भीतर मोबाइल फोन छुपा रखा था। इसी मोबाइल के जरिए बाहर बैठे अपराधियों से संपर्क कर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।
बैरक नंबर 6 के सामने मिट्टी में दबा था मोबाइल
संयुक्त टीम ने जब जेल परिसर की गहन तलाशी ली, तो बैरक नंबर 6 के सामने मिट्टी के ढेर में दबा एक छोटा मोबाइल फोन बरामद किया गया। मोबाइल मिलते ही जेल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मोबाइल को जब्त कर फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेज दिया है।
जेल से ही दी गई थी हत्या की सुपारी
पुलिस के अनुसार, धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद अश्विनी डड़सेना ने ही जेल के अंदर से हमर राज पार्टी के जिलाध्यक्ष की हत्या की सुपारी दी थी। इस साजिश में मुकेश निर्मलकर उसकी मदद कर रहा था।
हत्या में नाकामी, फिर कार फूंकी
जांच में यह भी सामने आया कि 1 दिसंबर को आरोपी सुपारी लेकर जिलाध्यक्ष की हत्या करने पहुंचे थे। जब वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके, तो बदले में जिलाध्यक्ष की कार को आग के हवाले कर दिया गया। इस मामले में पुलिस पहले ही मास्टरमाइंड समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जेल को अपराधियों के सुधार का केंद्र माना जाता है, लेकिन जेल के भीतर मोबाइल का मिलना यह सोचने पर मजबूर करता है कि जेल प्रशासन की निगरानी, तलाशी और सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
फिलहाल पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल्स और डेटा की जांच कर रही है, वहीं पूरे मामले में जेल प्रशासन की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।








