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CG NEWS : साक्ष्यों के अभाव में लूट के आरोपी बरी, हाईकोर्ट ने कहा- बिना ठोस सबूत हस्तक्षेप करना संभव नहीं....

CG NEWS : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अंबिकापुर के 14 साल पुराने एक लूट मामले में निचली अदालतों के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपियों की रिहाई बरकरार रखी है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि जब ठोस साक्ष्यों की कमी हो और पहचान की प्रक्रिया में चूक हुई हो, तो सजा नहीं दी जा सकती।

क्या था मामला?
यह घटना साल 2011 की है, जब बैंक से 70 हजार रुपये निकालकर लौट रही महिला मुक्ति सिंह से बाइक सवार बदमाशों ने बैग लूट लिया था। पुलिस की लंबी जांच के बाद 2018 और 2019 में निचली अदालतों ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया था, जिसे रिवीजन याचिका के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियां
कोर्ट ने पाया कि आरोपियों की न तो पहचान परेड (TIP) कराई गई और न ही पीड़िता अदालत में उनकी पहचान कर सकी।मामले में कोई भी स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था और बरामदगी की प्रक्रिया भी संदिग्ध पाई गई। कोर्ट ने कहा कि अगर निचली अदालत ने साक्ष्यों का सही मूल्यांकन कर फैसला दिया है, तो हाईकोर्ट उसमें तब तक हस्तक्षेप नहीं करेगा जब तक कि कोई बड़ी कानूनी गलती न दिखे।
इन तमाम कानूनी खामियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और आरोपियों की दोषमुक्ति के फैसले को यथावत रखा।







