Breaking
- Women Empowerment: तालाब से महिलाओं ने संवारी अपनी तकदीर, मछली पालन से लाखों ...
- Tourism Awards: छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र के बेहतरीन काम को मिलेगा सम्मान,...
- Women Empowerment News: नारी सम्मान और स्वावलंबन से समृद्ध छत्तीसगढ़ का संकल्...
- Nepal Flood News: नेपाल बाढ़ में लापता भारतीयों को लेकर मंत्री राजेश अग्रवाल ...
- Cultural Event News: रायपुर में तीन दिन गूंजेंगी छत्तीसगढ़ की लोकधुनें, ‘रंग ...
- Critical Minerals: नवा रायपुर में कल होगा खनिज ब्लॉक्स की नीलामी को लेकर रोड शो
- Bastar Change: छिंदनार में बदली तस्वीर, धमाकों की जगह ग्रामीणों ने सुनी ‘मन क...
- Mann Ki Baat: मुख्यमंत्री साय ने 137वीं कड़ी सुनी, नशामुक्त युवा और नवाचारों ...
- Raipur Stray Cattle Drive: सड़कों पर खुले मवेशियों पर निगम सख्त, धरपकड़ के सा...
- Crime News: लिफ्ट मांगने को लेकर हुआ विवाद, स्कूटी सवारों ने युवक पर किया चाक...
CG News : कांकेर में मासूम बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सांसद बृजमोहन सख्त, लोकसभा में उठाया एक्सपायर दवाओं के गलत निपटान का मुद्दा

नई दिल्ली/रायपुर। CG News : जनहित के मुद्दों पर निर्भीक और संवेदनशील आवाज़ उठाने वाले सांसद बृजमोहन ने लोकसभा में कांकेर जिले के एक सब-हेल्थ सेंटर में हुई गंभीर लापरवाही की घटना को मजबूती से उठाकर पूरे देश का ध्यान फार्मास्यूटिकल वेस्ट मैनेजमेंट जैसी अत्यंत संवेदनशील समस्या की ओर आकृष्ट किया है।

सांसद अग्रवाल ने सदन को अवगत कराया कि कांकेर के सब-हेल्थ सेंटर में एक्सपायर हो चुकी दवाओं को जलाए जाने से निकला जहरीला धुआं पास के स्कूल के कक्षाओं तक फैल गया, जिससे कई मासूम बच्चों को चक्कर आने और सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए एक चेतावनी भी है कि गलत वेस्ट मैनेजमेंट किस तरह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को खतरे में डाल सकता है।
लोकसभा में बोलते हुए अग्रवाल ने कहा कि देश के कई हिस्सों में एक्सपायर दवाओं को सीवेज सिस्टम, खेती की जमीन या खुले गड्ढों में फेंक दिया जाता है, जिससे जहरीले रसायन मिट्टी और भूजल को प्रदूषित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह प्रवृत्ति भविष्य की पीढ़ियों के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार से CDSCO की गाइडलाइंस और बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के तहत पूरे देश में सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी जोर दिया कि सभी संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को दवाओं के सुरक्षित निपटान के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाए।
भविष्य में कांकेर जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अग्रवाल ने दूरदर्शी और व्यावहारिक सुझाव भी रखे, जिनमें हर जिले में एक्सपायर दवाओं के सुरक्षित डिस्पोजल के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना और नए अस्पतालों को मंजूरी देने से पहले मेडिकल व फार्मास्यूटिकल वेस्ट डिस्पोजल की अनिवार्य सुविधा लागू की जाए इसके साथ ही नियमों के सख्त पालन हेतु जिला-स्तरीय कम्प्लायंस और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाए।
यह संसदीय हस्तक्षेप सांसद बृजमोहन अग्रवाल के उस दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, जिसमें वे बच्चों के स्वास्थ्य, आम नागरिकों की सुरक्षा और पर्यावरण की शुद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करते। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में फार्मास्यूटिकल वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर एक नई गंभीरता और जिम्मेदारी की दिशा तय करेगी।







