CG NEWS : कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक से सामाजिक एकता की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। ग्राम पंचायत बांगोली में मंगलवार को 'घर वापसी' का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें दो परिवारों के 6 सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर स्वेच्छा से अपने मूल धर्म और संस्कृति को फिर से अपना लिया।
इलाज के नाम पर गुमराह करने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन परिवारों ने कुछ वर्ष पहले अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था। ग्रामीणों और सामाजिक प्रमुखों का आरोप है कि इन परिवारों को बीमारी के इलाज के नाम पर भ्रमित किया गया था और इसी बहाने उनका धर्मांतरण कराया गया। हालांकि, समय बीतने के साथ इन परिवारों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों की कमी खली और उन्होंने अपनी मर्जी से वापस लौटने का निर्णय लिया।
पारंपरिक विधि-विधान से स्वागत
गांव में आयोजित एक सामाजिक बैठक के दौरान इन परिवारों ने सार्वजनिक रूप से अपने मूल धर्म में लौटने की घोषणा की। इसके बाद आदिवासी समाज की परंपराओं के अनुसार सभी सदस्यों पर पवित्र जल का छिड़काव किया गया और उन्हें नारियल भेंट कर समाज में पुन: शामिल किया गया।
वापसी करने वाले सदस्यों में सतवन शोरी और उनकी पत्नी बिनीता शोरी शामिल है, इन्होंने 3 साल पहले धर्म बदला था। इसके साथ ही दूसरा परिवार संजय, उनकी माता सुखबती, बहन कैशिल्या और भाई गोविंद है, इन्होंने 1 साल पहले धर्म बदला था।








