बिलासपुर: ईरान के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता अयातुल्ला अली खामनेई के निधन के बाद सोशल मीडिया पर की गई एक विवादित टिप्पणी ने छत्तीसगढ़ में पुलिसिया कार्रवाई को जन्म दे दिया है। एक स्थानीय हिंदूवादी नेता पर आरोप है कि उन्होंने खामनेई की मौत पर न केवल फेसबुक पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी की, बल्कि खुशी जाहिर करते हुए मिठाइयां भी बांटीं। इस कृत्य को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश मानते हुए पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
क्या है पूरा मामला?
ईरान में खामनेई के निधन की खबर आने के बाद, आरोपी नेता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट साझा की, जिसमें अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, नेता ने सार्वजनिक रूप से मिठाई बांटकर इसे 'अन्याय के अंत' के रूप में प्रदर्शित किया। इस घटना के बाद मुस्लिम समुदाय और अन्य नागरिक समूहों ने नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि किसी दूसरे देश के राष्ट्रप्रमुख या धार्मिक गुरु के निधन पर इस तरह का व्यवहार भारत की कूटनीतिक छवि और आंतरिक शांति के लिए खतरा है।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं:
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी एक्ट (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया के जरिए किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करने या शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। फिलहाल, आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच की जा रही है और साइबर सेल इस मामले में साक्ष्य जुटा रही है।








