रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही डीजल की कीमतों का सीधा असर अब आम आदमी की जेब और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर पड़ता नजर आ रहा है। राज्य में ईंधन के दामों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी से परेशान बस ऑपरेटरों ने अब यात्री किराए में वृद्धि करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। अगर सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो आने वाले दिनों में प्रदेश के लाखों दैनिक यात्रियों को सफर करने के लिए अपनी जेबें और ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती हैं।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के परिवहन मंत्री केदार कश्यप को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि डीजल की आसमान छूती कीमतों के कारण बसों का संचालन करना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। इसके साथ ही गाड़ियों के मेंटेनेंस, टायर और अन्य खर्चों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। महासंघ ने परिवहन मंत्री से मांग की है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए बस किराए की दरों में तत्काल संशोधन किया जाए ताकि इस उद्योग को बचाया जा सके।
यात्रियों की चिंता: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच आवागमन के लिए बसें ही सबसे बड़ा माध्यम हैं। किराए में बढ़ोतरी होने से नौकरीपेशा, छात्रों और मध्यम वर्ग के बजट पर इसका सबसे बड़ा और सीधा असर पड़ेगा।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप को ज्ञापन सौंपने के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि विभाग जल्द ही इस मामले में बस ऑपरेटरों के प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक कर सकता है। हालांकि, सरकार के सामने चुनौती यह होगी कि वे बस मालिकों के नुकसान की भरपाई और आम जनता पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के बीच कैसे संतुलन बनाती है। इस संभावित किराया बढ़ोतरी, नए रेट चार्ट और सरकार के अगले कदम की हर लाइव अपडेट जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर विजिट करें।







