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CG NEWS : नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एकजुटता का आह्वान: मुख्यमंत्री साय ने सांसदों, विधायकों और महिला संगठनों को लिखा पत्र

CG NEWS : रायपुर, 14 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों, विधानसभा सदस्यों तथा महिला संगठनों को पत्र लिखकर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक क्षण बताते हुए कहा है कि यह मातृशक्ति को लोकतांत्रिक संस्थाओं में समुचित प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक अवसर है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सांसदों को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रस्तावित चर्चा देश के लोकतांत्रिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अवसर है। वर्ष 2023 में संसद द्वारा इस अधिनियम को सर्वसम्मति से पारित किए जाने को लोकतंत्र की एकजुटता और महिला सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे वर्ष 2029 के लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों से पूर्व इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के विषय में सकारात्मक और सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि मातृशक्ति को उनका समुचित अधिकार शीघ्र प्राप्त हो सके।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों को लिखे गए पत्र में उल्लेख किया है कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मातृशक्ति के नेतृत्व में सशक्तीकरण’ का यह अभियान देश के समग्र विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों से अपेक्षा की कि है कि वे महिला आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ की आवाज को सशक्त करें तथा इस विषय पर होने वाली चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सकारात्मक वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री साय ने महिला संगठनों को लिखे अपने पत्र में महिला संगठनों के निरंतर प्रयासों और योगदान की सराहना करते हुए कहा है कि महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने उल्लेख किया कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली चर्चा केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। साथ ही यह लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं संवेदनशील बनाने का अवसर है।
मुख्यमंत्री साय ने उल्लेख किया कि यह सुखद संयोग है कि यह महत्वपूर्ण चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब छत्तीसगढ़ में ‘महतारी गौरव वर्ष’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सदैव महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी इसका प्रमाण है। स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किए जाने तथा ‘महतारी वंदन योजना’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ जैसी पहल के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे 16 अप्रैल को होने वाली इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने-अपने मंचों से मुखर होकर आवाज बुलंद करें, ताकि महिला आरक्षण के पक्ष में देशव्यापी सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला संगठन केवल इस परिवर्तन के साक्षी ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में भागीदार भी बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों और महिला संगठनों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर एकजुट होकर महिला आरक्षण के समर्थन में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें और संसदीय चर्चा में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से यह पहल न केवल सफल होगी बल्कि देश के लोकतंत्र के सशक्तीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करेगी।







