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CG News : खेती में डिजिटल क्रांति की नई उड़ान: एग्रीस्टेक परियोजना से किसानों को तकनीकी ताकत, छत्तीसगढ़ को मिले 104 करोड़ रुपए

CG News : रायपुर, 13 अप्रैल 2026 : छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टेक परियोजना नई क्रांति का आधार बन रही है। इस परियोजना के अंतर्गत संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) योजना ने राज्य में खेती-किसानी को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने का कार्य किया है। मोबाइल ऐप आधारित इस सर्वे के जरिए खरीफ और रबी फसलों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिससे कृषि प्रबंधन अधिक प्रभावी बन रहा है।

*85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सत्यापन पूर्ण*
खरीफ वर्ष 2025 के लिए 15 अगस्त 2025 से प्रारंभ किए गए डिजिटल क्रॉप सर्वे में राज्य के 33 जिलों के 18,008 गांवों के कुल 1 करोड़ 19 लाख 68 हजार 415 खसरों का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से 1 करोड़ 18 लाख 07 हजार 537 खसरों को अनुमोदित किया गया है। इस प्रकार 85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है। वहीं, रबी फसल वर्ष 2026 का सर्वे 1 जनवरी 2026 से जारी है।
*79 प्रतिशत किसानों की बनी फार्मर आईडी*
एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य के कुल 40 लाख 08 हजार 908 किसानों में से 31 लाख 68 हजार 555 किसानों का सत्यापन कर फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है। यह कुल किसानों का 79.22 प्रतिशत है। राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत 104 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है।
*तकनीक से मजबूत होगा कृषि तंत्र*
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र मिलेगा तथा कृषि आंकड़ों का वैज्ञानिक प्रबंधन संभव होगा।
*ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर*
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम बन रहा है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 में 33 जिलों के 14,066 गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया गया, जिसमें 58 हजार 335 ग्रामीण बेरोजगार युवाओं को सर्वेयर के रूप में रोजगार मिला। इन युवाओं को इस कार्य के एवज में लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
*साल में दो बार मिलेगा रोजगार*
अब वर्ष में दो बार—खरीफ और रबी सीजन में—डिजिटल फसल सर्वे होने से ग्रामीण युवाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीक आधारित कृषि प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी।







