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CG News: प्रदेश की जेलों में निर्माण कार्यों की समीक्षा, PWD सचिव ने गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन करने के दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ के विभिन्न जेल परिसरों में चल रहे निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने शुक्रवार को विस्तृत समीक्षा बैठक की। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में कार्यपालन अभियंताओं, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय बनाकर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी भी मौजूद रहे। वहीं विभिन्न जिलों के अधिकारी और ठेकेदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर
सचिव मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन बैरक, बाउंड्री वॉल, शौचालय और वॉच टॉवर के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और सभी परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी हों।
उन्होंने जेल अधीक्षकों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निर्माण सामग्री के परिवहन और श्रमिकों के कार्य के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित किया जाए।
क्षमता बढ़ाने पर जोर
जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक हिमांशु गुप्ता ने कहा कि प्रदेश की कई जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रह रहे हैं। ऐसे में नए बैरकों का निर्माण और मौजूदा सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है, ताकि जेलों में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इन परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में रायपुर केंद्रीय जेल में पार्किंग शेड, पाठशाला शेड, मुलाकाती शेड और शौचालय निर्माण, बिलासपुर (नगोई) में 1500 क्षमता वाले विशेष जेल, धमतरी और गरियाबंद जिला जेल की बाउंड्री वॉल, जांजगीर, रामानुजगंज, सूरजपुर, कांकेर, बालोद और सारंगढ़ की जेलों में बैरक निर्माण सहित कई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके अलावा कवर्धा उप जेल की मुख्य दीवार की ऊंचाई बढ़ाने, अंबिकापुर और जगदलपुर केंद्रीय जेल में बैरक एवं शौचालय निर्माण, दंतेवाड़ा जिला जेल में शौचालय निर्माण, सुकमा जिला जेल में कंसर्टीना वायर फेंसिंग और वॉच टॉवर निर्माण तथा बीजापुर उप जेल में वॉच टॉवर निर्माण कार्यों की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।







