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CG News: अब छत्तीसगढ़ के गांवों में ही दुरुस्त होंगे बोर और सोलर पंप, हर ग्राम पंचायत में तैयार होगा 'विलेज मैकेनिक'

छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक बेहद व्यावहारिक और जनकल्याणकारी योजना की शुरुआत की है। इस नई पहल के तहत अब राज्य के गांवों में खराब पड़े बोरवेल, हैंडपंप और सोलर पंपों को सुधारने के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में स्थानीय स्तर पर ही एक 'विलेज मैकेनिक' तैयार करने जा रही है, जिससे ग्रामीण अंचलों में पानी की किल्लत की समस्याओं का तुरंत और मौके पर ही समाधान किया जा सके।

इस योजना का दोहरा लाभ सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण युवाओं को मिलने जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) और क्रेडा (CREDA) विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामीण युवाओं को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस ट्रेनिंग के तहत युवाओं को सोलर वाटर पंपों की मरम्मत, बोरवेल के रख-रखाव और बिजली से चलने वाले पंपों के तकनीकी फॉल्ट सुधारने की बारीकियां सिखाई जाएंगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन युवाओं को आवश्यक टूल किट भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे न केवल गांवों को तत्काल मैकेनिक की सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
आमतौर पर गर्मियों के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप और सोलर पंप खराब होने से लोगों को मीलों दूर से पानी लाना पड़ता था और सरकारी मैकेनिक के आने में कई दिनों का वक्त लग जाता था। इस योजना के लागू होने से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही तत्काल तकनीकी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे जल संकट की स्थिति से तुरंत निपटा जा सकेगा। सरकार की यह पहल न केवल ग्रामीण बुनियादी ढांचे को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे जल जीवन मिशन और सौर सुजला योजना के तहत स्थापित बुनियादी ढांचे का रखरखाव भी बेहद आसान और किफायती हो जाएगा।







