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CG Health News: सरकारी डॉक्टरों के लिए पीजी लीव के नियम बदले, अब मिलेगी 3 साल की छुट्टी; लेकिन 2025 से पहले वालों को झटका

EDUCATION RRT News Desk 07 April 2026

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों के लिए उच्च शिक्षा (PG) को लेकर एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब सरकारी सेवा में रहते हुए पीजी करने वाले डॉक्टरों को 3 साल का अध्ययन अवकाश (Study Leave) प्रदान किया जाएगा। हालांकि, शासन ने इस लाभ के साथ एक 'कट-ऑफ' तारीख भी तय कर दी है, जिसके अनुसार वर्ष 2025 से पहले पीजी में प्रवेश लेने वाले डॉक्टरों को इस नई नीति का लाभ नहीं मिल सकेगा। इस फैसले से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सैकड़ों सेवारत डॉक्टरों पर सीधा असर पड़ेगा।

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स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करना और सेवारत डॉक्टरों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। पहले अध्ययन अवकाश की अवधि और शर्तों को लेकर काफी विसंगतियां थीं, जिन्हें अब स्पष्ट कर दिया गया है। 3 साल की इस छुट्टी के दौरान डॉक्टरों की सेवा निरंतर मानी जाएगी, जिससे उनके करियर और वरिष्ठता पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

पुराने डॉक्टरों में नाराजगी की लहर

सरकार के इस फैसले में '2025' की समयसीमा ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जो डॉक्टर वर्तमान में पीजी कर रहे हैं या 2025 से पहले दाखिला ले चुके हैं, उन्हें इस लाभ से वंचित रखा गया है। इन डॉक्टरों का तर्क है कि वे भी सरकारी सेवा के दौरान ही अपनी योग्यता बढ़ा रहे हैं, ऐसे में उनके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। जानकारों का मानना है कि इस नियम के कारण पुराने बैच के डॉक्टरों को आर्थिक और सेवा संबंधी नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिसे लेकर डॉक्टर संगठन जल्द ही सरकार के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में विशेषज्ञ सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए यह एक सुधारात्मक कदम है। अब देखना होगा कि क्या सरकार 2025 से पहले वाले डॉक्टरों की मांगों पर विचार करती है या यह नियम इसी तरह लागू रहेगा। फिलहाल, नए नियमों ने पीजी की तैयारी कर रहे युवा डॉक्टरों के लिए राह आसान कर दी है।

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