कांकेर/रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से बदलाव और विकास की एक ऐसी ऐतिहासिक तस्वीर सामने आई है, जो नए बस्तर के उदय की गवाही दे रही है। कभी नक्सल संगठन का सबसे मजबूत गढ़ और बस्तर में लाल आतंक की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार को एक अभूतपूर्व नजारा दिखा। जिस स्थान पर कुछ समय पहले तक नक्सली अपनी खूनी अदालत और चौपाल लगाते थे, उसी जगह सूबे के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने देर शाम ग्रामीणों के बीच पहुंचकर जनचौपाल लगाई। वर्षों तक भय, आतंक और हिंसा का दंश झेलने वाले इस गांव में अब लोकतंत्र, विकास और शासन के प्रति विश्वास की नई इबारत लिखी जा रही है।
गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा का आत्मीय और पारंपरिक स्वागत किया। सादगी की मिसाल पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री बिना किसी वीआईपी तामझाम के ग्रामीणों के साथ सीधे जमीन पर बैठ गए और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांगें तथा सुझाव गंभीरता से सुने। इस ऐतिहासिक जनचौपाल में किसकोड़ो सहित आसपास की आठ ग्राम पंचायतों के सरपंच और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी मांगें रखीं, जिनमें स्वास्थ्य सुविधाएं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन का निर्माण, खाद भंडारण केंद्र और सड़कों पर पुलिया निर्माण शामिल हैं।
आदर्श ग्राम के रूप में चमकेगा किसकोड़ो, मरीजों के लिए मिलेगी एम्बुलेंस
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित एक्शन लेते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को अस्पताल तक मरीजों को लाने-ले जाने के लिए तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था करने और बिजली संकट को दूर करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने मंच से एलान किया कि किसकोड़ो गांव को 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अक्टूबर 2025 तक जो इलाका नक्सलियों की 'किसकोड़ो एरिया कमेटी' का मुख्य केंद्र था, आज वह नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। सालों तक डर के साए में जीने के बाद आज बस्तर के ग्रामीणों में विकास की जो ललक दिख रही है, वह अविश्वसनीय है।
'पहले शाम ढलते ही लगता था डर, आज पहली बार पहुंचे उप मुख्यमंत्री'
जनचौपाल के दौरान ग्रामीण भी अपने बीच सूबे के बड़े नेता को पाकर भावुक हो गए। ग्रामीणों ने कहा कि यह किसी सपने के सच होने जैसा है। पहले यहां शाम ढलते ही लोग घरों में दुबक जाते थे, बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में भर्ती करने का डर रहता था और कोई सरकारी कर्मचारी यहां आने को तैयार नहीं होता था। आज उसी गांव में "भारत माता की जय" के नारे गूंज रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को जैविक कृषि (Organic Farming) अपनाने और स्थानीय लघु वनोपज के प्रसंस्करण (Processing) के लिए ब्रांडिंग करने के लिए भी प्रेरित किया। इस दौरान कांकेर कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी आकाश श्रीश्रीमाल सहित जिले के तमाम आला अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान मुस्तैद रहे।







