कोंडागांव (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) मामले में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों ने पुलिस की चौतरफा घेराबंदी और बढ़ते दबाव के चलते कोर्ट/थाने में सरेंडर कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
यह मामला तब प्रकाश में आया था जब पीड़िता ने आपबीती सुनाई, जिसके बाद पूरे बस्तर संभाग में आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया था और लगातार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही थी। फरार आरोपियों के आत्मसमर्पण को पुलिस की सक्रियता और सख्त कानूनी कार्रवाई के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और सामूहिक दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने सुनसान जगह पर नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया था और उसे धमकी भी दी थी। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाल रही थी। अब सरेंडर करने वाले आरोपियों से पूछताछ की जाएगी ताकि इस घिनौने कृत्य की कड़ियों को और मजबूती से जोड़ा जा सके। पुलिस इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सख्त सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।
इस कार्रवाई ने इलाके में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की मुस्तैदी पर जनता का भरोसा बहाल किया है। हालांकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि अपराधियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो समाज के लिए नजीर बने। फिलहाल, पुलिस मामले में चार्जशीट पेश करने की अंतिम प्रक्रिया में जुटी है।








