CG Crime : रायगढ़ में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर विद्युत विभाग के एक सेवानिवृत्त पर्यवेक्षक से 36 लाख 97 हजार 117 रुपये की ठगी कर ली। मामले में साइबर थाना रायगढ़ में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता के थाने पहुंचने पर लगभग 2 लाख रुपये होल्ड कराए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित को एक अज्ञात महिला का कॉल आया, जिसने स्वयं को टेलीकॉम अधिकारी बताते हुए कहा कि उसके पहचान पत्र का दुरुपयोग कर फर्जी सिम से आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं। इसके बाद कॉल को कथित पुलिस और सीबीआई अधिकारियों से जोड़ा गया। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और गिरफ्तारी की धमकी देते हुए डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया।
वीडियो कॉल के माध्यम से खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर पीड़ित से बैंक खातों और संपत्ति की जानकारी ली गई और जांच के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली गई। 30 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच पीड़ित ने कुल 36,97,117 रुपये ट्रांसफर कर दिए। परिजनों को जानकारी होने पर साइबर थाना में शिकायत की गई, जहां त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 2 लाख रुपये होल्ड कराए गए।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया की पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी कभी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहती है। ऐसे कॉल साइबर ठगी हैं। तुरंत 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।






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