Breaking
- Raipur Health News: छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़ा, 15 अस्पतालो...
- Jashpur News: एस्ट्रोनाट ट्रेनिंग इनीशिएटिव में 9,533 परीक्षार्थी हुए शामिल, ...
- Janjgir-Champa News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिवरीनारायण में भगवान नर-न...
- Surajpur Social Welfare News: सेवा संकल्प अभियान के तहत दिव्यांग धनेश्वर साहू...
- Kawardha News: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सहसपुर लोहारा में 48 लाख के एसडीए...
- Raipur Sports News: छत्तीसगढ़ में पहली बार होगा अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट म...
- Raipur News: समिति प्रबंधकों और फड़मुंशियों को मिलेगी 2-2 लाख रुपए की सामाजिक ...
- Bijapur Naxal Surrender News: बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता, 35...
- Crime News: CAF जवान को बंधक बनाकर मारपीट, 11 लाख के लेन-देन विवाद में स्टाम्...
- Crime News: कवर्धा में हथियार लहराकर लोगों को धमकाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, ...
CG Breaking : छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइन दरें लागू : ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दरों का वैज्ञानिक युक्तिकरण, निवेश और पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा

CG Breaking : रायपुर, 10 दिसंबर 2025 : छत्तीसगढ़ शासन ने वर्ष 2025-26 के लिए भूमि की नई गाइडलाइन दरें जारी कर दी हैं। महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक के निर्देश पर केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित ये दरें 20 नवंबर 2025 से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो गई हैं। वर्ष 2019-20 के बाद छह वर्ष के अंतराल पर किया गया यह पुनरीक्षण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए व्यापक एवं जनहितैषी सुधार लेकर आया है।

नई गाइडलाइन दरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य को परिलक्षित करना तथा वर्षों से चली आ रही दरों की विसंगतियों को दूर करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्य मार्ग पर औसतन 109 प्रतिशत और मुख्य मार्ग से अंदर औसतन 105 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि अचानक बढ़ोतरी नहीं है, बल्कि विभिन्न ग्रामों के बीच दरों के वैज्ञानिक रेशनलाइजेशन का परिणाम है।
बलरामपुर जिले में कई ऐसे गांव सामने आए हैं जहाँ पूर्व गाइडलाइन की दरें वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम थीं। उदाहरण स्वरूप वर्ष 2019-20 में ग्राम ताम्बेश्वरनगर का मुख्य मार्ग दर 6,28,677 रुपये प्रति हेक्टेयर था, जबकि समीपस्थ ग्राम आरागाही का दर 34,27,200 रुपये प्रति हेक्टेयर था। दोनों गांव एनएच-343 के समीप स्थित हैं। दरों के युक्तिकरण के बाद ताम्बेश्वरनगर का मुख्य मार्ग दर 51,52,000 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किया गया, जिससे 719 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी तरह, कई अन्य ग्रामों में भी दरों में 300 प्रतिशत से अधिक वृद्धि रिकार्ड की गई है।
ग्राम लूरघुट्टा में मुख्य मार्ग पर 711 प्रतिशत एवं अंदर की ओर 413 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है। इसी प्रकार ग्राम नावाडीह में मुख्य मार्ग पर 568 प्रतिशत तथा अंदर 326 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। दोनों ही गांव एनएच-343 से लगे हुए हैं और तातापानी जैसे पर्यटन एवं व्यवसायिक क्षेत्र के समीप स्थित होने के कारण निवेश की संभावनाओं को देखते हुए दरों का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक था।
ग्राम भवानीपुर में भी मुख्य मार्ग पर 554 प्रतिशत तथा अंदर 411 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह गांव निवेश क्षेत्र में आता है तथा वर्ष 2019-20 में इसका बाजार मूल्य समीपस्थ ग्राम नवाडीह खूर्द की तुलना में काफी कम था। दोनों गांवों का रेशनलाइजेशन करने पर यह वृद्धि स्वाभाविक रूप से सामने आई है। इसी तरह, रामचन्द्रपुर, जो विकासखण्ड मुख्यालय है तथा स्टेट हाईवे से होकर गुजरता है, वहां भी मुख्य मार्ग पर बाजार मूल्य में 300 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। यहां सर्वे दर भी प्रति हेक्टेयर 42,45,000 रुपये होने के कारण मूल्य संशोधन आवश्यक था।
शहरी क्षेत्रों में भी इस वर्ष गाइडलाइन दरों का व्यापक पुनरीक्षण किया गया है। बलरामपुर जिले के सभी नगरीय निकायों में मुख्य मार्ग तथा अंदरूनी क्षेत्रों में औसतन 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बलरामपुर नगर में अधिकांश वार्ड NH-343 से लगे हुए हैं। वर्ष 2019-20 में कई वार्डों में एक ही मार्ग पर बाजार मूल्य में बड़ा अंतर पाया गया था, जो स्पष्ट रूप से विसंगतिपूर्ण था। इस विसंगति को दूर करने के लिए नगर पालिका एवं संबंधित हल्का पटवारियों द्वारा नए परिसीमन के आधार पर वार्डवार गाइडलाइन दरों का पुनर्निर्धारण किया गया।
उदाहरणस्वरूप, वार्ड 01 (रविन्द्र प्रताप सिंह वार्ड) में प्रति वर्गमीटर दर 5740 रुपये था, जबकि इसी मुख्य मार्ग पर स्थित वार्ड 03 में यह दर मात्र 1830 रुपये प्रति वर्गमीटर था। नई गाइडलाइन में इन त्रुटियों को पूरी तरह दूर कर दोनों वार्डों की दरों को वास्तविक बाजार स्थिति के अनुरूप बनाया गया है।
पिछले पाँच वर्षों में बढ़ती जनसंख्या, आवासीय भूखंडों की बढ़ती मांग, व्यवसायिक गतिविधियों का विस्तार और शहरीकरण के तेज़ी से बढ़ते असर को ध्यान में रखते हुए बलरामपुर जिले के नगरीय क्षेत्रों में दरों के पुनरीक्षण की आवश्यकता महसूस की गई। इसके लिए नगर पालिका के कर्मचारियों, पटवारियों और गूगल मैप के आधार पर वार्डवार नई कण्डिकाएँ तैयार की गईं।
नगरीय क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेषकर बलरामपुर नगर में बढ़ती आबादी, नए व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार के कारण बाजार मूल्य में स्वाभाविक बढ़ोतरी हुई, जो अब गाइडलाइन दरों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई गाइडलाइन दरें छत्तीसगढ़ के भूमि बाजार को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और निवेश-अनुकूल बनाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को भूमि अधिग्रहण के समय सही मुआवजा मिलेगा, वहीं शहरी क्षेत्रों में सुव्यवस्थित विकास को गति मिलेगी। भूमि मूल्य का यह वैज्ञानिक रेशनलाइजेशन राज्य के समग्र आर्थिक विकास को एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।







