CG Breaking : बीजापुर। 24 मार्च 2026 : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से एक बड़ी और निर्णायक खबर सामने आई है। माओवादी संगठन को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। दशकों से आतंक का पर्याय रहे और साउथ सब जोनल ब्यूरो के इंचार्ज पापा राव (DKSZC सदस्य) ने अपने 17 अन्य साथियों के साथ हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है।
ऐतिहासिक आत्मसमर्पण
पहली बार माओवादी संगठन का शीर्ष नेतृत्व प्रभावी रूप से खत्म हो गया है। आत्मसमर्पण करने वालों में पापा राव के अलावा DVCM प्रकाश मड़वी और DVCM अनिल ताती जैसे बड़े नक्सली नेता शामिल हैं। इस समूह में 7 महिला माओवादी भी शामिल हैं, जिन्होंने शांति का मार्ग चुना है। पुनर्वास प्रक्रिया के तहत ये नक्सली अपने साथ AK-47 राइफलें और अन्य आधुनिक हथियार भी प्रशासन को सौंपेंगे।
अब नेतृत्वविहीन हुआ संगठन
दंडकारण्य क्षेत्र के इतिहास में यह पहली बार है जब नक्सली संगठन पूरी तरह नेतृत्वविहीन (Leaderless) हो गया है। जानकारों का मानना है कि पापा राव जैसे कद्दावर नेता का मुख्यधारा में आना नक्सली विचारधारा की हार और बस्तर में सरकार के 'शांति और विकास' के संकल्प की जीत है।
प्रशासन की अपील
सरकार और स्थानीय प्रशासन ने इसे 'नक्सल-मुक्त बस्तर' की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि जंगलों में भटक रहे अन्य छोटे समूह भी इन बड़े नेताओं से प्रेरणा लेंगे और जल्द ही हिंसा छोड़कर वापस लौटेंगे। इन सभी 18 कैडरों के औपचारिक पुनर्वास की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।








