RRT News- छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने की आहट के साथ ही साइबर अपराधियों का एक गिरोह सक्रिय हो गया है। विशेष रूप से बिलासपुर में 10वीं और 12वीं के छात्रों को फोन कॉल और मैसेज के जरिए 'रिजल्ट में पास कराने' या 'मार्क्स बढ़ाने' का झांसा दिया जा रहा है। ठग खुद को शिक्षा विभाग या बोर्ड का अधिकारी बताकर डरा-धमका रहे हैं या लालच देकर उनसे मोटी रकम की मांग कर रहे हैं।
कैसे काम करता है 'पास कराने वाला' गैंग?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ये ठग छात्रों और अभिभावकों के साथ इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं:
भ्रामक कॉल: फोन पर संपर्क करके कहा जाता है कि छात्र फेल हो रहा है, अगर पास होना है तो तुरंत पैसे जमा करें।
लालच का खेल: अच्छे अंकों (मार्क्स) के बदले बैंक खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है।
धमकी: अगर पैसे नहीं दिए गए, तो रिजल्ट खराब करने या फेल करने की धमकी दी जाती है।
बोर्ड का स्पष्ट रुख: किसी भी झांसे में न आएं
शिक्षा विभाग और बोर्ड अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और गोपनीय होती है। बोर्ड का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कभी भी नंबर बढ़ाने या पास कराने के लिए फोन पर पैसों की मांग नहीं करता है।
क्या करें? (सुरक्षा उपाय)
पैसे न दें: किसी भी अनजान व्यक्ति के खाते में एक भी रुपया ट्रांसफर न करें।
नंबर ब्लॉक करें: ऐसे संदिग्ध कॉल करने वाले नंबरों को तुरंत ब्लॉक करें।
शिकायत दर्ज करें: यदि कोई आपको डरा-धमका रहा है, तो तुरंत अपने नजदीकी थाने या 'साइबर सेल' में इसकी रिपोर्ट करें।
स्कूल से संपर्क करें: ऐसी किसी भी संदिग्ध स्थिति में अपने स्कूल के प्रिंसिपल या शिक्षकों से बात करें, न कि ठगों की बातों पर भरोसा करें।
छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें। बोर्ड के परिणाम केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही देखें और किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचें।







