CG Assembly : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का शुक्रवार को औपचारिक समापन हो गया, जिसके बाद सभापति धरम लाल कौशिक ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। 23 फरवरी से शुरू हुए इस सत्र के दौरान विष्णु देव साय सरकार ने राज्य का एक लाख 72 हजार करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट पारित कराया। सत्र के अंतिम दिनों में दो अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक, धर्मांतरण विरोधी कानून और कर्मचारी चयन मंडल विधेयक बहुमत के आधार पर पारित किए गए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा पेश किए गए कर्मचारी चयन मंडल विधेयक का उद्देश्य राज्य की भर्ती परीक्षाओं में होने वाली धांधली और गड़बड़ियों पर लगाम कसना है। वहीं, धर्मांतरण विरोधी विधेयक को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली; विपक्ष द्वारा बहिष्कार किए जाने के बावजूद इसे बिना उनकी मौजूदगी के चर्चा के बाद पारित कर दिया गया।
सत्र के दौरान राजनीतिक पारा भी काफी गर्म रहा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर धर्म की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए विधेयक के लागू होने की तिथि पर सवाल उठाए। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और भाजपा सदस्य सुनील सोनी ने कहा कि प्रदेश में बदलती डेमोग्राफी को रोकने के लिए यह कानून अनिवार्य था। पूरे सत्र के दौरान कुल 108 घंटे विधायी कार्य हुए, जिसमें विधायकों द्वारा पूछे गए 2924 सवालों में से केवल 86 पर ही सदन के पटल पर विस्तृत चर्चा हो सकी। हालांकि विपक्ष ने कई जनहित के मुद्दों पर स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरने की कोशिश की, लेकिन सरकार अपनी रणनीतियों और बहुमत के बल पर विधायी कार्यों को संपन्न कराने में सफल रही।








